
Pro. Meenakshi was worried about not getting Geetali's pension
खंडवा. सेवानिवृत्त जिला सांख्यिकी अधिकारी मीनाक्षी सेनगुप्ता (70) ने यूं ही आत्महत्या नहीं की। दरअसल, सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. गीताली सेनगुप्ता की पेंशन नहीं मिलने को लेकर वे छह माह से परेशान थीं। मीनाक्षी डेढ़ माह पहले बहन के साथ कॉलेज पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने प्राचार्य के सामने आत्महत्या करने के लिए धमकी दी थी। यह बातें गुरुवार को मीनाक्षी के अंतिम संस्कार के दौरान कॉलेज परिसर में प्रोफेसरों के बीच चर्चा में रही।
राजनीति से भी जोड़ा जा रहा
सांख्यिकी अधिकारी रहीं मीनाक्षी की आत्महत्या की घटना को लेकर बहन गीताली के खिलाफ कॉलेज में चल रही राजनीति से भी जोड़ा जा रहा है। प्रोफेसरों के बीच चर्चा कै कि मीनाक्षी बहन गीताली के साथ पेंशन को लेकर कॉलेज में प्राचार्य से कई बार मिल चुकी थीं। कालेज से सेवानिवृत्त प्रोफेसर गीताली के खिलाफ चल रही रस्साकशी और पेंशन नहीं मिलने से परेशान रहीं। दोनों बहनों का एकाकी जीवन था, जिससे उनका अवसाद बढ़ता गया।
प्रो. गीताली ने प्रशासन से भी शिकायत की थी
पेंशन को लेकर प्रो. गीताली ने प्रशासन से भी शिकायत की थी। इसके बाद भी पेंशन नहीं मिलने से परेशान मीनाक्षी ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है। मीनाक्षी के शव पोस्ट मार्टम कर दोपहर करीब 12 बजे परिजन को सौंपा गया। बड़े भाई कालीदास समेत उनके भतीजे अंतिम संस्कार करने के लिए शव लेकर आबना नदी पर स्थित हरिशचंद्र मुक्तिधाम पहुंचे। अंतिम संस्कार में सगे संबंधियों समेत कालेज के प्रोफेसर आदि शामिल हुए। भतीजे ने मुखाग्नि दी।
ये है मामला
बुधवार सुबह मीनाक्षी ने कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर ली थीं। वे अपनी बहन सेवानिवृत्त कन्या महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. गीताली सेनगुप्ता (65) के साथ सेठी नगर में रहती थीं। दोनों बहनें अविवाहित थीं। उनके भाई, भतीजे दूसरे शहरों में रहते हैं। सूचना मिलने पर देर रात तक वे भी खंडवा पहुंच गए। मीनाक्षी की आत्म हत्या की खबर सुनकर शहर के लोग स्तब्ध रह गए। डॉ गीताली के कालेज से भी कई लोग उन्हें सांत्वना देने घर पहुंचे थे। घटना बुधवार सुबह 8 बजे मोघट थाना क्षेत्र अंतर्गत सेठी नगर की है।
Published on:
18 Nov 2022 12:52 pm
बड़ी खबरें
View Allखंडवा
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
