
झुला पुल पर लगे मधुमक्खियों के दर्जनों छत्तों ने भय का माहौल पैदा कर दिया था। मधुमक्खियों के हमले से कई यात्री घायल हुए और भगदड़ जैसी स्थिति निर्मित हुई।
ओंकारेश्वर. तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में सावन के चलते बडी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन ओंकारेश्वर में हो रहा है। नर्मदा पर बने नए झूला पुल से होकर श्रद्धालु ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचते हैं।
झुला पुल पर लगे मधुमक्खियों के दर्जनों छत्तों ने भय का माहौल पैदा कर दिया था। मधुमक्खियों के हमले से कई यात्री घायल हुए और भगदड़ जैसी स्थिति निर्मित हुई। वन विभाग सहित कोई भी विभाग इनको हटाने की जिम्मेदारी नहीं ले रहा था क्योंकि पुल के बीच लगे छत्तों तक पहुंचना आसान नहीं था। इस समस्या को लेकर जब जनप्रतिनिधियों ने वन्यप्राणी विभाग से लेकर नगर पंचायत से संपर्क साधे लेकिन वे कोई समाधान नहीं कर पाए। प्रशासन उस समय इस समस्या का कोई समाधान निकालने में असफल रहा था। प्रशासन छत्ता हटाने के लिए विशेषज्ञ के इंतजार में बैठा था।
छैगांवमाखन के दमकल कर्मियों ने हटाए छत्ते
श्रावण माह में श्रद्धालुओं की सुरक्षा की दृष्टि से ओंकारेश्वर मंदिर संस्थान के अधिकारियों ने छैगांवमाखन से कुशल दमकलकर्मियों को बुलवाकर सोमवार रात्रि में छत्तों को निकलवाया। इस कार्य में करीब 2 घंटे लगे थे। रात्रि के समय श्रद्धालु भी नहीं थे और दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद छत्तों को वहां से हटा दिया गया।
ओंकारेश्वर पर्वत परिक्रमा मार्ग दुरुस्त किया जाए
ओंकारेश्वर. श्रावण माह के चलते नर्मदा परिक्रमावासी तथा शिवभक्त बड़ी संख्या में प्रतिदिन ओंकार पर्वत परिक्रमा करते हैं किंतु अंधेरे , मार्ग बदलने एवं मार्ग पर नुकीले पत्थर की समस्या को लेकर भक्तों में आक्रोश है। इन्हीं समस्याओं को लेकर विहिप की ओंकारेश्वर इकाई ने पर्वत परिकमा मार्ग सुगम करने एवं रात्रि को लाइट की व्यवस्था करने को लेकर नगर परिषद सीएमओ को कलेक्टर खंडवा के नाम मंगलवार को नगर परिषद कार्यालय जाकर ज्ञापन दिया।
विश्व हिंदू परिषद प्रखंड ओंकारेश्वर एवं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ विभाग सह संयोजक अरुण वर्मा, जिला संयोजक पिंटू चौहान नगर अध्यक्ष अमित , महेश राठौर, कपिल , नीरज वर्मा ने ज्ञापन सौंपा। नगर परिषद सीएमओ कुशल सिंह डोडवे ने कहा दिए गए ज्ञापन के अनुसार आने वाले श्रद्धालुओं की व्यवस्था को गंभीरता से लेकर शीघ्र व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएंगी। मामा भांजे मंदिर के पास शंकराचार्य प्रतिमा निर्माण स्थल के पास से पर्वत परिक्रमा मार्ग को डायवर्ट किया गया है। 1 किलोमीटर लंबा यह मार्ग कंकड़ और नुकीले पत्थरों से पटा है। साथ ही रूट डायवर्ट के संकेतक भी नहीं लगाए हुए हैं जिससे श्रद्धालु परिक्रमा मार्ग से भटक रहे हैं।
Published on:
12 Jul 2023 05:55 pm

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