
पटवारी फील्ड में सोयाबीन की फसलों का फसल कटाई प्रयोग कर रहे हैं।
चालू खरीफ सीजन की फसलों पर बारिश का कहर अभी तक आप ने जो सुना और देखा अब वह कागजों पर आने लगा है। किसानों का दावा 80 हजार हेक्टेयर अधिक एरिया में फसलें खराब की हकीकत सामने आने लगी है। बारिश का कहर इस कदर कि अन्नदाता की गाढ़ी कमाई मिट्टी में मिल गई। किसानों की लागत निकालना मुश्किल है।
फसल कटाई प्रयोग की रिपोर्ट में उत्पादन एक चौथाई से भी कम हो गया है। इससे लागत निकलना मुश्किल है। फसल कटाई प्रयोग की प्रारंभिक रिपोर्ट में सोयाबीन का उत्पादन 2.80 से अधिकतम 4.20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर पर आ गया। फसलों के सूखने के बाद फाइनल रिपोर्ट में उत्पादन के आंकड़़े मामूली घट-बढ़ सकते हैं। राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने फसल कटाई प्रयोग का कार्य शुरू की है। फाइनल रिपोर्ट आने के बाद फसलों की नुकसान तय होगी। अब तक करीब 12 हजार से अधिक हो गई है। बीमा कंपनी की टीम करीब 7 हजार किसानों के खेत पर सर्वे कर चुकी है।
ग्राम रांजनी में पटवारी और कृषि विस्तार अधिकारी की संयुक्त टीम ने फसल कटाई का प्रयोग किया। किसान श्रीराम के खेत पर फसल कटाई प्रयोग किया। पांच बाय पांच के प्लाट पर प्रक्रिया पूरी की गई। प्लाट पर 890 दाना निकला। तीन क्विंटल 560 ग्राम उत्पादान का आंकलन किया गया। इसी तरह गांव के दूसरी छोर पर दीनदयाल के खेत पर 912 ग्राम तक दाना निकला। यहां प्रति हेक्टेयर 3 क्विंटल 648 ग्राम उत्पादन दर्ज किया गया। फसल सूखने के बाद उत्पादन की मात्रा घट-बढ़ सकती है।
शनिवार को बमन गांव भीला में पटवारी और कृषि विस्तार अधिकारी की संयुक्त टीम ने फसल कटाई प्रयोग किया। सोयाबीन के 5 बाय 5 के प्लाट पर फसल कटाई के प्रयोग में दाना सिर्फ 920 ग्राम निकला। इस हिसाब से प्रति हेक्टेयर 3 क्विंटल 20 ग्राम होता है।
बीमा कंपनी के प्रतिनिधि और कृषि विभाग की टीम ग्राम अत्तर, पटवारी हल्का चिचगोहन में कमलचंद्र मोहन चौधरी, मौजी लाल आदि पंचनामा तैयार किया गया। 55 से 65 फीसदी फसलों को नुकसान माना है।
कृषि विभाग पैमाना है कि 8 क्विंटल 300 ग्राम है। लेकिन फसल कटाई प्रयोग की रिपोर्ट में उत्पादन एक तिहाई का अंतर है। फसल अच्छी होने पर औसत उत्पादन 8 से 10 क्विंटल तक उत्पादन जाता है। कटिंग की रिपोर्ट में अभी तक अधिकतम 3 क्विंटल 20 किलो गया। कइयों के खेत में तो डेढ़ से दो क्विंटल का रेशियो दर्ज किया।
प्रति हेक्टेयर सोयाबीन की औसत लागत 25-30 हजार रुपए है। क्रॉप कटिंग रिपोर्ट के आधार पर उत्पादन 3 क्विंटल का औसत लिया जाए। बाजार में इसकी कीमत चार हजार तो इस औसत से 12 हजार रुपए का उत्पादन होगा।
प्रति हेक्टेयर
6000 बीज
4000 खाद
3000 जुताई
1700 घास बुआई
1500 चारा कीटनाशक
600 छिड़कांव
2500 डोरा
2000 इल्ली मारनेदवा
900 इल्ली मारने की दवा छिड़काव
500 फंगल साइड
6200 कटाई
25, 600 रुपए प्रति हेक्टेयर फसल पर खर्च
नोट : खर्च का हिसाब किसान से बात-चीत पर औसत
पटवारी फील्ड में सोयाबीन की फसलों का फसल कटाई प्रयोग कर रहे हैं। फाइनल रिपोर्ट आने के बाद उत्पादन का मापदंड तय होगा।
Published on:
28 Sept 2025 12:01 pm
बड़ी खबरें
View Allखंडवा
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
