खंडवा. सड़क सुरक्षा की बात करना यहां बेमानी है। शहर के उस रास्ते में ही जान का जोखिम है, जहां से होकर कलेक्ट्रेट, जिला न्यायालय और पुलिस अधीक्षक कार्यालय समेत अन्य सरकारी दफ्तरों का रास्ता जाता है। दिन भर इस मार्ग से अफसरों की गाडि़यां गुजरती हैं, बावजूद इसके किसी ने इस जानलेवा गड्ढे को भरने की जहमत नहीं उठाई। यह महज गड्ढा नहीं है, बल्कि इस गड्ढे में रेल पटरी का एक खंभा निकला है, जो किसी भी वाहन को एक बार में ही क्षतिग्रस्त कर सकता है और अगर वाहन बेपटरी हुआ तो उसमें सवार लोगों की जान पर आफत आने से कोई नहीं रोक सकता।
संकेतक भी नहीं लगाए
यातायात पुलिस ने सड़क सुरक्षा के लिहाज से इस मार्ग को दुघर्टना संभावित माना है। इसलिए टैगोर पार्क से निमाड़ नर्सरी के बीच बनी पुलिया के दोनों ओर स्पीड ब्रेकर बना दिए गए। इसी ब्रेकर के आगे नगर निगम जोन कार्यालय के ठीक सामने टैगोर पार्क की ओर यह खरनाक गड्ढा है। नियम कहता है कि स्पीड ब्रेकर बनाने के साथ स्पष्ट दिखने वाला संकेतक भी लगाना चाहिए, ताकि वाहन चालक को पहले से पता चल सके।
प्रशासन को हादसे का इंतजार
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सड़क सुरक्षा की कमेटी बनी है। जिसमें जिला प्रशासन के अधिकारी ही इस विषय पर गौर करते हैं और इन्हीं की जिम्मेदारी है कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जाए। प्रत्येक माह इसकी रिपोर्ट भेजने के आदेश भी हैं। इस मुख्य मार्ग के जब यह हालात हैं तो शहर के बाकी इलाकों के साथ देहात क्षेत्रों में कितनी गंभीरता सड़क सुरक्षा की ओर होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।