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पर्यावरण संरक्षण की अनूठी पहल : महिलाएं मिट्टी में बीज मिलाकर निर्माण कर रहीं गणेश मूर्तियां, अंकुरित होंगे पौधे

नगर निगम ने मिट्टी से गणपति निर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम उठाए गया है। प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी मूर्तियों के उपयोग को हतोत्साहित किया जा सकेगा। शुक्रवार को नगर निगम में मिट्टी से गणपति बनाने की कार्यशाला आयोजित की गई।

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खंडवा

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Rajesh Patel

May 17, 2025

environmental protection

नगर निगम सभागार में मिट्टी की गणेश मूर्तियां सीखती समूह की महिलाएं।

नगरीय क्षेत्र की स्व-सहायता समूह की महिलाएं मिट्टी में पौधों का बीज मिलाकर गणेश की मूर्ति का निर्माण कर रहीं हैं। विसर्जन के बाद बारिश के दौरान पौधे अंकुरित होंगे। इससे पर्यावरण हरा-भरा होगा। नगर निगम ने पर्यावरण संरक्षण और जल बचाव को लेकर नेक पहल शुरू की है।

पीओपी से बनी मूर्तियों के उपयोग होंगे हतोत्साहित

नगर निगम ने मिट्टी से गणपति निर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम उठाए गया है। प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी मूर्तियों के उपयोग को हतोत्साहित किया जा सकेगा। शुक्रवार को नगर निगम में मिट्टी से गणपति बनाने की कार्यशाला आयोजित की गई। महिलाओं को प्रोत्साहित करने निगम ने मिट्टी के गणेश मूर्ति निर्माण की कार्य शाला शुरू की है। इससे बीस समूहों की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। कार्यशाला में धर्मेंद्र जौहरी ने प्रतिभागियों को मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाना सिखाया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाना और स्थायी विकल्पों को अपनाना था।

पौधों के बीज मिलाकर निर्माण की जा रही मूर्तियां

कार्यशाला की विशेष बात यह रही कि मिट्टी की मूर्तियों में पौधों के बीज मिलाकर उन्हें इस तरह से तैयार किया गया कि विसर्जन के उपरांत अनुकूल वातावरण मिलने पर ये बीज स्वतः अंकुरित होकर पौधे बन सकें। इस अनोखी पहल को उपस्थित सभी प्रतिभागियों द्वारा खूब सराहा। इस अवसर पर उपायुक्त सचिन सिटोले ने कहा कि जो स्वयं सहायता समूह मिट्टी के गणपति बनाकर विक्रय करना चाहें, उन्हें नगर निगम की ओर से बिना किसी शुल्क के दुकानें उपलब्ध कराई जाएंगी। यह कदम न केवल पर्यावरण की दृष्टि से लाभकारी है, बल्कि महिला स्वावलंबन को भी प्रोत्साहन देगा।

बीस महिलाओं ने सीखा मिट्टी से मूर्ति का निर्माण

कार्यशाला में स्व-सहायता समूह की 20 महिलाएं शामिल हुईं। मिट्टी से गणपति बनाना सीखा। इसमें अनुपम स्व सहायता समूह, मां अम्बे स्व-सहायता समूह, हरिहर स्व-सहायता समूह, खाटू श्याम स्व -सहायता समूह, रिद्धि सिद्धि स्व सहायता समूह, जय मां ज्वाला देवी स्व सहायता समूह एवं महालक्ष्मी स्व सहायता समूह। नगर निगम की ओर से जोन प्रभारी भुवन श्रीमाली, दीपमाला कटारे, उमा हिरवे, रवि शर्मा एवं संदीप खराले कार्यशाला में उपस्थित रहे।