खंडवा.
गांव के डॉक्टर द्वारा दिए गए कफ सिरप ने गरीब की बगिया के दो फूल उजाड़ दिए। कफ सिरप पीने के बाद बीमार बच्चे की इलाज के दौरान रविवार शाम को मौत हो गई। जबकि एक बच्चे की मौत एक सप्ताह पूर्व हो चुकी थी। 27 सितंबर को एक अन्य बालक की भी मौत कफ सिरप पीने से हुई थी। सोमवार को बच्चे के पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव वाहिनी के लिए भी भटकते रहे। जब बाइक पर शव ले जाने लगे तो समाजसेवी ने कराई शव वाहिनी की व्यवस्था और भिजवाया गांव।
पिपलौद थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम डेहरिया हेलापाटी टांडा निवासी कैलाश जमरे को गांव के डॉक्टर से इलाज कराना महंगा पड़ गया। गांव के डॉक्टर ने बच्चों को सर्दी के चलते कफ सिरप दिया था। कफ सिरप पीने के बाद दोनों बच्चे महेश (4) और रितेश (ढाई साल) की तबियत बिगडऩे के बाद परिजन जिला अस्पताल लेकर आए थे। मामला 24 सितंबर का है। यहां ढाई वर्षीय रितेश की रास्ते में ही मौत हो गई, जबकि महेश की हालत गंभीर थी। 1 अक्टूबर की शाम महेश भी जिंदगी की जंग हार गया और उसकी भी मौत हो गई। सोमवार दोपहर को पुलिस ने उसके शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजन को सौंपा। उल्लेखनीय है कि कैलाश के छह बच्चों में से दो की पूर्व में बीमारी से मौत हो चुकी है। बचे हुए चार बच्चों में से दो बच्चे एक ही सप्ताह में काल के गाल में समा गए। अब घर में एक बेटा और एक बेटी रह गए है।
बाइक से शव ले जा रहे थे गांव
बच्चे के शव का पीएम होने के बाद परिजन ने शव को गांव ले जाने के लिए शव वाहिनी से संपर्क किया। शव वाहिनी वाले ने 15 सौ रुपए किराया बताया, गरीब परिजन के पास इतने रुपए नहीं थे। करीब डेढ़ से दो घंटे तक परेशान होने के बाद बड़े पिता भागीरथ, चाचा गोरेलाल बाइक से ही शव को गांव ले जा रहे थे। अस्पताल के मोर्चुरी रूम में अज्ञात शव के पीएम के लिए आए समाजसेवी मुबारिक पटेल ने शव को बाइक पर ले जाते देखा तो रोक लिया। इसके बाद पटेल ने सिविल सर्जन डॉ. अनिरूद्ध कौशल से फोन पर चर्चा की और शव वाहिनी फ्री करवाते हुए परिवार को उपलब्ध कराई।
खंडवा सहित बुरहानपुर जिले में भी हुई है मौत
कफ सिरप पीने से आठ दिन में यह जिले में तीसरे बच्चे की मौत का मामला है। इसके पूर्व मोघट थाना क्षेत्र अंतर्गत अहमदपुर खैगांव में भी एक बच्चे की मौत कफ सिरप पीने से हुई थी। यहां 26 सितंबर को 3 वर्षीय प्रियांश पिता अंतिम को सर्दी की शिकायत के चलते परिजन ने मेडिकल से कफ सिरप खरीदकर पिलाई थी। इसके बाद बच्चे की हालत बिगड़ गई और जिला अस्पताल के पीकू वार्ड में भर्ती कराना पड़ा। दूसरे दिन 27 सितंबर को बच्चे की मौत हो गई। वहीं, इसी तरह का मामला बुरहानपुर जिले के खकनार में भी होना बताया जा रहा है। यहां भी कफ सिरप पीने से एक बच्चे की मौत हुई है।
एक ही कंपनी की दवाई बताई जा रही
बताया जा रहा है कि तीनों बच्चों की मौत के मामलों में एक ही कंपनी की कफ सिरप का इस्तेमाल हुआ है। अहमदपुर वाले मामले में परिजन ने गांव के मेडिकल स्टोर से दवा खरीदी थी, जबकि थाना पिपलौद वाले मामले में गांव के डॉक्टर ने ही दवा दी थी। तीनों मामलों में पुलिस में पुलिस जांच कर रही है।
विसरा जांच के बाद होगा खुलासा
कफ सिरप पीने से डेहरिया के दो बच्चों की मौत के मामले में मर्ग कायमी की है। पीएम रिपोर्ट और विसरा जांच रिपोर्ट के बाद मौत के कारणों का खुलासा होगा। इलाज करने वाले डॉक्टर के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
अनोकसिंह सिधिया, पिपलौद थाना प्रभारी