खंडवा. श्री रायचंद नागड़ा उत्कृष्ट विद्यालय में शनिवार को वर्ष 1969 बैच के पुरा छात्रों की सम्मेलन में 54 साल पुरानी यादें ताजा हुईं। सभागार में परिचय के साथ पढ़ाई के समय की एक दूसरे के अच्छी व बुरी बातों पर ठहाके लगाए। स्कूल कक्ष देखने पहुंचे तो इंग्लैंड से आए डॉ मूलचंद्र दूबे को वर्ष 1969 में प्राचार्य रहे जगन्नाथ प्रसाद चौबे का अनुशासन याद आ गया। उन्होंने कहा इस स्कूल का अनुशासन से ही जो आज लंदन हूं। उन्होंने प्राचार्य के अनुशासन का जिक्र करते हुए बताया कि एक बार कलेक्टर की सिफारिश ठुकरा दी।
मुझे इंग्लैंड तक पहुंचाया
उन्होंने कहा वे तब भेदभाव नहीं था, मेरे पिता आरामशीन में काम करते थे, शिक्षकों ने सभी को एक नजर से देखा। उनका अनुशासन ही है आज मुझे इंग्लैंड तक पहुंचाया। हरीश वर्मा एनसीसी में रूचि रखते थे वे नेवी में ऑफिसर बने। डॉ वेद प्रकाश नार्वे में चिकित्सक हैं। सभी पुरा छात्रों ने विद्यालय के अनुशासन का जिक्र किया और कहा इस विद्यालय की शिक्षा और संस्कार ने हमें देश के कोने-कोने में तक पहुंचाया। इस दौरान कक्ष में बैठे पुरा छात्रों से मिलने के लिए डीइओ पीएस सोलंकी पुरा छात्रों का स्वागत किया। इस दौरान उत्कृष्ट प्राचार्य सुष्मा अत्रे ने विद्यालय की वर्तमान गतिविधियों से रुबरू कराया।
अमरीका से आए थे अंग्रेजी के शिक्षक
वर्ष 1963 में अमरीका से अंग्रेजी के शिक्षक को-आंजी जॉन आए थे। पुरा छात्र कृष्णा बिल्लौरे कहते हैं कि छात्रों में कोई भेदभाव नहीं था, एकता का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षक का गार्डन की सिंचाई के लिए एक साथ जाया करते थे। एक बार को-आंजी जॉन सभी छात्रों को बुरहानपुर ले गए थे।
सम्मेलन के खर्च से स्कूल में लगवाए आरओ प्लांट
पुरा छात्र नरेन्द्र उबेजा ने कहा कि पुरा छात्र सम्मेलन को सादगी से मनाया गया। सभी ने निर्णय लिया कि सम्मेलन को सादगी से मनाएंगे। इसमें होने वाले खर्च से स्कूल में छात्रों को पीने के लिए एक लाख रुपए से अधिक खर्च का आरओ प्लांट लगाया गया।
ये रहे पुरा छात्र
नरेन्द्र उबेजा, कृष्णराव बिल्लोरे, हर्ष वर्धन दीक्षित, शैलेन्द्र कुमार शुक्ला, विलास डामले, भरत मेहता, हरीश वर्मा, मूलचंद्र दूबे, रंजना पहारे, शांतिलाल पटेल, प्रवीन पटेल, जयचंद्र, अजीत चौहान, अनूप तिवारी, अमजद खान, जितेन्द्र जैन, प्रमोद चंद्र, सुब्रत सेन गुप्ता, श्याम संदुर गर्ग, अशोक चौहान, दर्शना सेठी, वेद प्रकाश, राजेन्द्र जैन।