खंडवा.
शिर्डी से कालका जा रही रही कालका एक्सप्रेस में उप स्टेशन प्रबंधक और केबिन मास्टर की सतर्कता से मंगलवार शाम को बड़ा हादसा टल गया। कालका एक्सप्रेस के इंजन का पहिए के उपर का एक्सल घर्षण और गर्मी से तपकर लाल हो गया। बडग़ांव गुर्जर में केबिन मास्टर ने सिग्नल दिखाते समय इसे देखा और डिप्टी एसएस को जानकारी दी। आठ किमी दूर से ट्रेन को खंडवा तक लाया गया और यहां उसके इंजन को बदलकर आगेे रवाना किया।
बडग़ांव गुर्जर रेलवे स्टेशन पर केबिन मास्टर दिनकर लक्ष्मण अपनी ड्यूटी पर थे। यहां से शाम 4.10 बजे ट्रेन 22455 डाउन कालका एक्सप्रेस को उन्हे पास करना था। शिर्डी से कालका जाने वाली कालका एक्सप्रेस का खंडवा में हाल्ट नहीं है। जब ट्रेन बडग़ांव गुर्जर से पास हो रही थी, उस दौरान केबिन मास्टर दिनकर को इंजन में जलने की बदबू आई और इंजन के पहिए से धुआं निकलते दिखा। केबिन मास्टर ने तुरंत ही इसकी सूचना उप स्टेशन प्रबंधंक अरविंद साहा को दी। साहा ड्यूटी खत्म होने के बाद घर जा रहे थे, सूचना पर तुरंत ही सतर्क हुए और वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया। उन्होंने आइटी रेल खंडवा, स्टेशन मैनेजर जीएल मीणा, डिप्टी पंचुअलिटी भुसावल को जानकारी दी। घर्षण के चलते इंजन के पहिए में आग भी लग सकती थी। 8 किमी तक गर्म एक्सल और धुआं निकलते इंजन सलामत स्टेशन तक पहुंच गया। खंडवा स्टेशन पर ट्रेन को रोका गया।
एक्सल बॉक्स गर्म हो गया था, ग्रीस भी लीकेज था
खंडवा स्टेशन पर ट्रेन शाम 4.15 बजे पहुंची। यहां तुरंत ही इंजन को ट्रेन से अलग किया गया। पैनल और स्टेशन से संपर्क कर सावधानीपूर्वक एफसीआइ साइडिंग में रखवाया गया। इसके बाद नया इंजन बुलवाकर लगाया गया। यहां पूरी कार्रवाई में करीब 1.20 घंटे का समय लग गया। शाम 5.35 बजे ट्रेन को खंडवा स्टेशन से रवाना किया गया। स्टेशन मैनेजर जीएल मीणा ने बताया कि इंजन के पहिए के उपर का एक्सल बॉक्स गर्म हो गया था, उसमें से ग्रीस भी लीकेज था। केबिन मास्टर और डिप्टी एसएस की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया है। दोनों बधाई के पात्र है।