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500 मीटर सड़क नहीं बनने से दिव्यांग सहित ग्रामीण परेशान

आशापुर-बैतूल हाईवे पर खोरदा तक बनाई सड़क कलेक्टर से लगाई गुहार

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 Roshani news

अनोखी कास्डे दिव्यांग है। उसने बताया रास्ते पर कीचड़ से ट्राइसिकल नहीं चल पा रहा हूं। पंचायत ने मुझे चौकीदारी पर रखा है। पंचायत कार्यालय रोज आना-जाना पड़ता है। रोज-रोज किससे ट्रासइसिकल निकालने का आग्रह करता रहूंगा। ,अनोखी कास्डे दिव्यांग है। उसने बताया रास्ते पर कीचड़ से ट्राइसिकल नहीं चल पा रहा हूं। पंचायत ने मुझे चौकीदारी पर रखा है। पंचायत कार्यालय रोज आना-जाना पड़ता है। रोज-रोज किससे ट्रासइसिकल निकालने का आग्रह करता रहूंगा।

रोशनी. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना विभाग द्वारा पटाजन से खोरदा तक बनाई गई सड़क का 500 मीटर का हिस्सा गांव के वार्ड & से निकला है। यह हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। इससे वार्ड वासी और किसान त्रस्त हैं। इस हिस्से में पानी और कीचड़ होने से किसान, आंगनवाड़ी और स्कूली ब'चे तथा दिव्यांग तक नहीं निकल पा रहे हैं। हालांकि विभाग इसके निर्माण का ठेका दे चुका है,लेकिन ठेकेदार काम नहीं कर रहा है। मंगलवार को वार्ड के दिव्यांग के साथ कुछ युवाओं ने कलेक्टर को समस्या बताई। कलेक्टर ने उसी समय विभाग के महाप्रबंधक को फोन लगाकर काम जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। वार्ड में रहने वाले दिव्यांग अनोखी कास्डे ने बताया बारिश में मैं घर से बाहर नहीं निकल पाता हूं। रोड पर पूरी तरह कीचड़ मचा हुआ है। कोई काम नहीं कर पा रहा हूं। विवश होकर आज मोहल्ले के विष्णु राठौर, मोतीलाल ऊईके , दिनेश विश्वकर्मा , शिवराम पालवी , अनिल नवरे, सचिन परते सहित 10 लोगों के साथ कलेक्टर अनूप कुमार सिंह से मिलने खंडवा गए। उन्हें वस्तुस्थिति बताई। सीसी रोड स्वीकृत होने के बावजूद ठेकेदार काम नहीं कर रहा है। हालांकि जानकारी मिलने पर वनमंत्री ने मुरम डलवाकर समस्या का समाधान किया। कलेक्टर ने विभाग के महाप्रबंध को फोन लगाकर काम शरू कराने और नहीं करने की स्थिति में ठेकेदार बदलने की बात तक कह दी। पंचायत में चौकीदारी करता है अनोखी वार्ड क्रमांक 7 निवासी अनोखी कास्डे दोनों पैर से दिव्यांग है। उसने बताया रास्ते पर कीचड़ से ट्राइसिकल नहीं चल पा रहा हूं। पंचायत ने मुझे चौकीदारी पर रखा है। पंचायत कार्यालय रोज आना-जाना पड़ता है। रोज-रोज किससे ट्रासइसिकल निकालने का आग्रह करता रहूंगा। मेरे अलावा आंगनवाड़ी के छोटे-छोटे ब'चे भी परेशान हो रहे हैं।