खंडवा. शरीर पर गहरे जख्म, हाथ में सलाइन बोतल लिए एक युवक सड़क पर लड़खड़ाते चल रहा था। उसे देख सहज अंदाजा हो गया कि वह सरकारी अस्पताल से भाग कर आया है। इस युवक की हालत देख पास से गुजर रही छात्राएं भी कुछ देर के लिए डर गई थीं। युवक की हालत बोलने लायक भी नहीं थी, वह किसी तरह चलते जा रहा था। जिला अस्पताल से सलाइन लगाए हाथ में बोतल लिए भागे युवक ने यहां की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। हालांकि यह कोई पहला मामला नहीं है, इसके पहले भी कई मरीज इसी तरह अस्पताल से भाग चुके हैं।
वार्ड में कैसी निगरानी
सुरक्षा की बात करें तो जिला अस्पताल में पहली जिम्मेदारी मरीज के प्रति वार्ड बॉय और नर्स की होती है। इसके बाद यहां सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। इतने इंतजाम के बाद भी एक मरीज अपने बेड से बोतल हाथ में लेकर वार्ड से निकल गया।
क्या कर रहे थे सुरक्षा गार्ड
यहां सवाल उठ रहा है कि वार्ड में हुई निगरानी में चूक के बाद अस्पताल परिसर और खास तौर से गेट पर मौजूद रहने वाले निजी कंपनी के सुरक्षा गार्ड क्या कर रहे थे? लड़खड़ाते हुए एक मरीज हाथ में बोतल लिए अस्पताल परिसर से ही बाहर निकला और किसी ने उसको रोका तक नहीं। जबकि हर महीने जिला अस्पताल से एक मुस्त रकम निजी एजेंसी की सुरक्षा के लिए खर्च की जाती है।
इसलिए हो जाता है हमला
जिला अस्पताल से मरीज भाग गया, यह और बात है। यहां सुरक्षा के इंतजामों के कई ऐसे उदाहरण हैं जो व्यवस्था पर हर बार सवाल खड़े कर जाते हैं। चाक चौबंद सुरक्षा का दावा यहां किया जाता है। इसके बाद भी जिला अस्पताल में कई बार मरीजों पर हमले हो चुके हैं। बाहरी तत्व आकर यहां मरीजों पर चाकू तक चला चुके हैं और सुरक्षा करने वाले मुंह ताकते रह जाते हैं।