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बिच्छू गैंग के सरगना सहित 7 शातिर बदमाश गिरफ्तार, सांप्रदायिक दंगों और हथियारों की खरीद फरोख्त में हैं शामिल

रामनवमीं पर सांप्रदायिक दंगों में शामिल बिच्छू गैंग के सरगना और कई शातिर बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

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बिच्छू गैंग के सरगना सहित 7 शातिर बदमाश गिरफ्तार, सांप्रदायिक दंगों और हथियारों की खरीद फरोख्त में हैं शामिल

बिच्छू गैंग के सरगना सहित 7 शातिर बदमाश गिरफ्तार, सांप्रदायिक दंगों और हथियारों की खरीद फरोख्त में हैं शामिल

खरगोन. रामनवमीं पर मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में हुए सांप्रदायिक दंगों में शामिल बिच्छू गैंग के सरगना और कई शातिर बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, इनके खिलाफ कई थानों में विभिन्न मामलों में केस दर्ज है, ये आरोपी सांप्रदायिक दंगों में मुख्य भूमिका निभाते थे और ये हथियारों की खरीदी बिक्री में भी शामिल हैं। इन्हें पुलिस ने चार देशी पिस्टलों के साथ गिरफ्तार किया है।

रामनवमी के दिन पथराव की घटना में शामिल

शहर में सांप्रदायिक तनाव फैलाने सहित लोगों को डरा-धमकाकर अवैध वसूली करने वाला बिच्छू गैंग का सरगना अफजल पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। अफजल का अपराधिक रिकॉर्ड बेहद दहशत फैलाने वाला है। जिस पर पुुलिस द्वारा पूर्व में एनएसए और जिला बदर की कार्रवाई की जा चुकी है। 10 अप्रैल को रामनवमी के दिन तालाब चौक में पथराव की घटना में आरोपी अफजल शामिल था। इसकी लंबे समय से पुलिस को तलाश थी। जिसे कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर गैंग के 7 अन्य सदस्यों को भी 4 देशी पिस्टलों के साथ गिरफ्तार किया है, जो अवैध हथियारों की खरीदी कर दहशत फैलाने का काम कर रहे थे। एसडीओपी ने बताया कि अफजल के खिलाफ ठोस कार्रवाई करेंगे, जिससे उसे जमानत न मिले। दंगे की घटना में शामिल जो भी आरोपी जेल भेजे गए हैं। उनमें से एक को भी जमानत नहीं मिली है।

2017 से काम कर रहा है बिच्छू गैंग

रविवार को पुलिस कंट्रोल रूम में गिरफ्तारी का खुलासा करते हुए एसडीओपी राकेश शुक्ला ने बताया कि शहर में बिच्छू गैंग 2017 से काम कर रहा है। इसका मुख्य सरगना अफजल पिता अशरफ निवासी अमन नगर है। अफजल ने मुस्लिम युवाओं का बिच्छू गैंग के नाम से ग्रुप बना रखा है और इन्हें अवैध हथियार भी उपलब्ध कराए थे, जो तनाव पैदा करने, रंगदारी, डराने-धमकाने में इस्तेमाल करते थे। मालूम हो कि रामनवमीं पर हुई हिंसा की घटना के दौरान दंगाइयों द्वारा तत्कालीन एसपी पर गोली चलाते हुए जानलेवा हमला किया था।

तालाब चौक में किया था पथराव

टीआई बनवारी मंडलोई ने बताया अफजल ने रामनवमी पर दंगों के शुरुआती क्षेत्र तालाब चौक में हुए पथराव में मुख्य भूमिका निभाई थी। जो दंगों के बाद से फरार था। 3 नवंबर को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर इसे घर से घेराबंदी कर पकड़ा गया। न्यायालय में पेश करने के बाद रिमांड अवधि में इसने गैंग में शामिल अन्य सदस्यों के नाम उगले है।

इंदौर और अंजड़ के आरोपी भी गैंग में शामिल

आरोपी अफजल की निशानदेही पर गठित टीम ने इमरान को दबिश देकर एक पिस्टल के साथ पकड़ा उससे पूछताछ करने पर एक देशी पिस्टल अफजल से खरीदना स्वीकार किया है। इसके अलावा गोलू उर्फ शाकिब पिता साकीर खान निवासी राजेन्द्र नगर पानी की टंकी के पास, अली पिता अय्युब खान निवासी गुलशन नगर, यासिन उर्फ मोन्टी पिता रमजान खान अमन नगर, जुबेर पिता शकील मंसूरी अस्पताल चौक अंजड़ , मुजाहिद उर्फ कुल्लु पिता बाबु खान निवासी संजय नगर को भी गिरफ्तार किया है। इन्होंने अफजल से पिस्टल खरीदी थी और यह इसकी गैंग में शामिल थे। देशी पिस्टल खरीदने वालो की तलाश जारी है।


अवैध हथियारों की करता था खरीद फरोख्त

रिमांड के दौरान अफजल ने 6 अवैध हथियार खरीदने की बात कबूली। यह हथियार उसने अजय सिकलीगर निवासी सिनगुन से और मोहम्मद निवासी अमन नगर के माध्यम से दो पिस्टल खरीदी थी। एक पिस्टल इमरान पिता मुबारिक निवासी संजय नगर को बेची, दूसरी पिस्टल सेजू पान वाले के लड़के सोहेल को बेची है। उसके बाद 2 देशी पिस्टल साहिल निवासी अमन नगर के माध्यम से खरीदी है। उसमे से एक पिस्टल फारुख निवासी भाजी बाजार वाले तथा एक पिस्टल अफताब निवासी पत्थरवाले को दिया है तथा दो देशी पिस्टल और खरीदी थी जो इन्दौर वाले नौशाद निवासी खजराना और शादाब निवासी तीन इमली वाले को बेची है। इस प्रकार छह देशी पिस्टल बेचना बताया है। इन्दौर का सौदा अजय टुंडा निवासी अमन नगर के माध्यम से हुआ था।

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2017 से दर्ज है अपराधिक प्रकरण

अफजल शातिर अपराधी होकर सांप्रदायिक हिंसा में लिप्त रहा है। वर्ष 2017 में एक, 2018 में तीन, 2020 में पांच, 2021 में 6 वर्ष और 2022 में 02 अपराध पंजीबद्ध किए गए है। वर्ष 2021 में एनएसए एवं वर्ष 2022 में जिला बदर की कार्रवाई भी की गई है।