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अब इस जीव ने किसानों के लिए खड़ी की मुसीबतें, मचा रहा है तबाही

पीली इल्ली व रसचूसक कीड़े की चपेट में गेहंू की फसल-किसानों ने कहा- पहले अतिवृष्टि ने खरीफ फसल बर्बाद कर कमर तोड़ी अब रबी की फसल पर भी संकट के बादल

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खरगोन

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Gopal Joshi

Dec 04, 2019

After losses in cotton, soybeans, maize, onions

नागझिरी. कीटों व इल्लियों से फसल को बचाने का जतन करते किसान।

नागझिरी.
अतिवृष्टि ने किसानों की कमर पहले ही तोड़ दी है। अब रबी फसल से आस बंधी है लेकिन वह भी टूटती नजर आ रही है। क्षेत्र में जिन किसानों ने गेहंू की बोवनी कर दी है वहां उपज पर पीली इल्ली व रसचूसक कीड़े का असर देखा जा रहा है। इसकी वजह से गेहंू की फसल खराब होने की आशंका है।
कपास, सोयाबीन, मक्का, प्याज में घाटा उठाने के बाद किसानों को गेहूं की फसल से आस है। लेकिन अब उनकी मुश्किलें पीली इल्ली और रसचूसक कीड़े ने बढ़ा दी है। किसान स्वयं को ठगा महसूस करने लगा है। अंचल के लगभग 500 एकड़ फसल में प्याज की खड़ी फसल भी किसानों की बर्बाद हो गई। जिन किसानों ने गेहंू की बोवनी कर दी है वहां फसल के पत्ते सुख कर पीले पड़ रहे हैं। किसान अशोक नामदेव, गणपति कुशवाह, इंदरसिंह चौहान, ललित राठौड़ ने बताया गेहूं की फसल में इसके पहले रसायनिक दवाइयों का उपयोग बिलकुल नहीं किया गया था। इस वर्ष शुरुआती दौर से ही इसका उपयोग करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि अंदर से निकल रही पीली इल्ली एवं रस चुसक कीड़े फसल को चट कर रहे हंै

अन्नदाता की खाली थाली
किसान पप्पू कुशवाहा ने बताया सिंचाई के साथ केरोसिन एवं दूसरे पाउडर का छिड़काव कर रहे हैं। यह देसी नुस्खे ही कुछ हद तक लाभकारी सिद्ध हो रहे हैं। सुरेश परिहार, भगवान सोलंकी, राजाराम मंडे, मंसाराम पटेल ने बताया खेती करना घाटे का सौदा हो गया है।

टीम भेजेंगे
-जल्द ही क्षेत्र में कृषि अधिकारियों की टीम भेजेंगे। जहां फसलें प्रभावित हैं वहां उपचार एवं जांच करवाने के प्रयास किए जाएंगे। अधिकारी गांव से खेतों में जाकर मौके पर जाकर खड़ी फसल का अवलोकन करेंगे। -आरएस सिसोदिया, संयुक्त संचालक इंदौर