वासली गांव से हरचरणसिंह मुछाल.
खरगोन जिले की महेश्वर तहसील के ग्राम वासली कुंडिया निवासी आदिवासी युवती कविता डाबर की मौत को लेकर प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है। शनिवार को पीडि़ता के परिजनों से मिलने के लिए कांगे्रेस प्रदेशाध्यक्ष व पूर्व सीएम कमलनाथ समेत क्षेत्रीय विधायक डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ सहित कई विधायक वासली पहुंचे। सुबह 11 बजे के लगभग कमलनाथ हेलीकॉप्टर से उतरे और गाड़ी में सवार होकर सीधे पीडि़ता के घर पहुंचे। जहां 15 मिनट तक मृतका के माता-पिता, भाइयों व अन्य लोगों से चर्चा की। कमलनाथ ने कांग्रेस पार्टी फंड से 5 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया। साथ ही परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। परिजनों ने घटना की जानकारी दी। इस दौरान खरगोन विधायक रवि जोशी, भीकनगांव विधायक झूमा सोलंकी, धरमपुरी विधायक पांचीलाल मेड़ा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।
घर के बाहर लगा रहा मजमा
गांव में पहाड़ी के ऊपर मृतका कविता के घर के बाहर टेंट व पांडाल लगा था। यहां एक हजार से अधिक ग्रामीणों की भीड़ मौजूद रही। कमलनाथ और विधायक साधौ ने ग्रामीणों को संबोधित किया। कमलनाथ ने कहा कि वह यहां राजनीति करने नहीं आए। बल्कि पीडि़त परिवार की मदद के लिए आए हैं। प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था, महिलाओं व आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान और गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को आड़े हाथ लेते हुए जिम्मेदार ठहराया।
परिजन बोले- हम तो लाश लेने गए थे, हमें ही आरोपी बनाकर केस दर्ज कर लिया
मृतका के पिता और परिवार की महिलाओं ने रुहासे गले से कहा कि महू पुलिस ने बेटी की मौत की खबर दी। हम शव लेने गए थे। डोंगरगांव चौकी पर किन लोगों ने पथराव किया, हमें पता नहीं। लाश लेकर आते समय कुछ लोगों ने हमारी गाड़ी के पर पत्थर फेंकर कांच तोड़ दिए। बचने के लिए सीट के नीचे छुपना पड़ा। इसके बाद भी पुलिस ने उल्टे हम पर ही केस दर्ज कर आरोपी बना दिया।