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कपास के भाव में 4 हजार की कमी से भन्ना उठे किसान, कर दिया हंगामा

सोयाबीन और अन्य फसलों से निराश किसानों को कपास से बड़ी आस थी लेकिन इसके भाव भी कम बताए जा रहे हैं। ऐसे में खरगोन मंडी में किसानों ने जमकर हंगामा कर दिया और कपास की खरीदी रुक गई। हालांकि बाद में किसानों को किसी तरह समझाइश देकर शांत कराया गया।

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खरगोन मंडी में किसानों ने जमकर हंगामा कर दिया और कपास की खरीदी रुक गई

एमपी में इस बार किसानों के बुरे दिन खत्म ही नहीं हो पा रहे हैं। कम बारिश के कारण राज्य भर में सोयाबीन की फसल खराब हो गई। सूखने की कगार पर पहुंची सोयाबीन को हालिया बारिश से कुछ जीवनदान जरूर मिला है लेकिन उत्पादन पर असर पड़ना तय है। सोयाबीन और अन्य फसलों से निराश किसानों को कपास से बड़ी आस थी लेकिन इसके भाव भी कम बताए जा रहे हैं। ऐसे में खरगोन मंडी में किसानों ने जमकर हंगामा कर दिया और कपास की खरीदी रुक गई। हालांकि बाद में किसानों को किसी तरह समझाइश देकर शांत कराया गया।

खरगोन में सोमवार को मंडी में कपास की मुहूर्त खरीदी में ही जबर्दस्त हंगामा हो गया। दरअसल किसानों को अभी नकदी की जरूरत है इसलिए बड़ी संख्या में किसान यहां अपनी उपज लेकर पहुंचे थे। पिछले साल कपास की कीमतें भी अच्छी मिलीं थीं जिससे किसान यहां बड़ी आस लेकर आए लेकिन मुहूर्त पर दाम बेहद कम बोले गए।

ऐसे में किसान निराश हो गए और उन्होंने हंगामा चालू कर दिया। किसानों का कहना था कि व्यापारी उनकी कपास का बेहद कम दाम दे रहे हैं। इसको लेकर किसानों ने कपास की बोली भी रुकवा दी। व्यापारी मंडी कार्यालय लौट गए तो किसान वहां भी पहुंच गए। यहां व्यापारियों और मंडी अधिकारियों ने किसानों को समझाइश देकर किसी तरह मनाया और दोबारा खरीदी चालू करवाई।

दरअसल खरगोन मंडी में कपास की मुहूर्त खरीदी में 6481 रुपए प्रति क्विंटल की बोली लगाई गई थी जिससे किसान नाराज हो उठे। किसानों का कहना था कि पिछले साल मुहूर्त पर 11000 रुपए प्रति क्विंटल का भाव था।भाव में 4 हजार रुपए से ज्यादा की कमी से किसान आक्रोश जताने लगे। इधर व्यापारियों ने कहा कि कपास में अभी नमी है। बाजार में अभी इसकी डिमांड भी ज्यादा नहीं है। बताया जा रहा है कि मुर्हूत खरीदी पर कपास बेचने के लिए किसानों के करीब 300 वाहन मंडी में पहुंचे हैं।