खरगोन.
डोंगरगांव बस हादसा सुनकर अब भी रुह कांप रही है। घायलों का जिला अस्पताल में उपचार जारी है। उधर तीसरे दिन पुलिस महकमे के अफसरों सहित जवानों ने बस स्टैंड जाकर बसों की पड़ताल की। फिटनेस जांचने के अलावा ओवरलोडिंग सवारियां भी देखी। शराबी बस चालकों का पता लगाने के लिए तीन थानों की पुलिस पहुंची थी। जवानों ने ड्राइवरों के मुंह में ब्रेथ एनालाइजर मशीन लगाकर जांच की। हिदायत दी कि शराब पीकर वाहन नहीं चलाए। पुलिस की इस कार्रवाई का बस चालकों सहित स्टॉफ पर भी डर दिखाई दिया। कई इधर-उधर मुंह छुपाते रहे। गाडिय़ों के अंदर पुलिसकर्मी जांच के लिए पहुंचे तो सवारियों से कहा-ज्यादा यात्री बैठाने या तेज गति होने पर विरोध करें। पुलिस से शिकायत करें। हालांकि इस दौरान बस स्टैंड पर खड़ी अधिकांश बसों में फस्र्ट एट बॉक्स गायब थे। इमरजेंसी गेट और खिड़कियों को रस्सी से बांध रखा था।
जिले में 22 ब्लैक स्पॉट, जहां सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं
यातायात थाना प्रभारी दीपेेंद्र स्वर्णकार ने बताया ओवरलोड वाहनों की लगातार चेकिंग की जा रही है। गुरुवार को एक डंपर, दो ट्रक जब्त किए हैं। इन्हें कोर्ट पेश करेंगे। उल्लेखनीय है कि पूर्व में जिले में 22 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए हैं। हादसों को रोकने के लिए इन ब्लैक स्पॉट के सुधार के लिए संबंधित विभागों में पत्राचार किया गया है।
हादसे से सबक नहीं, फिर मिले 31 वाहन ओवरलोड, 10 बसें भी शामिल
इतने बड़े हादसे के बाद भी वाहन चालकों द्वारा कोई सबक नहीं लिया जा रहा है। गुरुवार को भी जिले में अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस ने चैकिंग में 31 वाहन ओवरलोड मिले। इसमें 10 यात्री बसें व 21 माल वाहक वाहन थे। इस दौरान एक भी वाहन चालक शराब के नशे में नहीं मिला। सबसे ज्यादा पांच ओवरलोड यात्री बसें गोगांवा पुलिस ने पकड़ी। इसी तरह बलवाड़ा, बरूड़, बड़वाह, दो-दो और एक ओवरलोड बस करही पुलिस ने पकड़ी है।