3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

खरगोन के लाल ने जापानी पीएम शिंजो को सुनाया मेरा जूता है जापानी…

मध्यप्रदेश खरगोन के सनावद के विजय चौहान ने गुजरात के गांधीनगर में बुलेट ट्रेन नींव रखने आए जापानी पीएम शिंजो को लोह तरंग की धून सुनाई।

2 min read
Google source verification
Khargones vijay Chohan play song mera joota hai japani Japan PM Shinzo

Khargones vijay Chohan play song mera joota hai japani Japan PM Shinzo

खरगोन. सनावद के पिता विजय चौहान और पुत्र मुकुल चौहान ने जापानी प्रधानमंत्री को लोह तरंग वाद यंत्र सुनाकर मंत्रमुग्ध कर दिया। खासकर इन दोनों कलाकारों ने मेरा जूता है जापानी...गीत सुनाकर पीएम शिंजो को चौंका दिया। मौका था गुजरात के गांधीनगर में बुलेट ट्रेन की आधारशीला रखने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी पीएम शिंजो के घूमने का। इस दौरान वे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के दाड़ी कुटीर म्यूजियम को बारिकी से निहारा।

पीएम शिंजो ने की लोह तरंग की तारिफ
गुजरात के गांधीनगर में गुरुवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के दाड़ी कुटीर म्यूजियम में घूमने व चर्चा करने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे पहुंचे। उनके स्वागत में अन्य कलाकारों के साथ सनावद के लोह तरंग वादक विजय चौहान ने मेरा जूता है जापानी गाने की प्रस्तुति दी। इस पर उन्होंने लोह पर सुंदर संगीत की तारीफ करते हुए इसकी जानकारी ली।

निमाड़ी कला को अंतराष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान
सनावद के प्रसिद्ध लोह तरंग वादक विजय चौहान व उनके बेटे मुकुल चौहान को जापान से आए प्रधानमंत्री शिंजो आबे के स्वागत कार्यक्रम के दौरान लोह तरंग की प्रस्तुति दी। विजय चौहान ने बताया मुख्य गेट के पास ही प्रधानमंत्री के अभिवादन के लिए वाद यंत्र लगा था। इस दौरान अन्य स्थानों के विभिन्न कलाकार प्रस्तुति दे रहे थे ताकि इन कलाकारों के माध्यम से जापान के प्रधानमंत्री को भारतीय संस्कृति से परिचय कराया जा सके।

जूता है जापानी सुनकर खुश जापानी पीएम
दोनों ही देशों भारत व जापान के प्रधानमंत्री ने दांडी कुटीर के गेट से प्रवेश किया तो वह लोह तरंग पर गीत सुनकर प्रसन्न हुए। उन्होंने पास आकर इसकी जानकारी ली। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे को जानकारी दी। करीब दो मिनट तक वाद यंत्र को सुनने के बाद वह आगे चले गए। इसके लिए संगीत विद्यालय अहमदाबाद से उनके पास पत्र आया था। इसके लिए उमेश सुतार ने उन्हें प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित किया था।

ये भी पढ़ें

image
Story Loader