खरगोन.
जयकारों की गंूज। श्रद्धालुओं का हुजूम। स्वागत सत्कार में शहर और जगह-जगह सेवा स्टॉल। शुक्रवार की सुबह खरगोन शहर की आबो-हवा में आस्था और उमंग की ऐसी ही छटा बिखरी। यहां सुबह 9 बजे अधिष्ठाता भगवान सिद्धनाथ महादेव भक्तों को दर्शन देने के लिए सिद्धनाथ महादेव मंदिर भावसार मोहल्ला से निकले। दो घंटे बाद पालकी यात्रा भावसार धर्मशाला तक पहुंची। इसके बाद भगवान सिद्धनाथ महादेव व महाबलेश्वर महादेव श्रंगारित पालकी में विराजित हुए। उनकी एक झलक पाने के लिए श्रद्धालु आतुर दिखे। रूद्राक्ष मित्र मंडल द्वारा झांझ.मंजीरे, नगाड़ा, शंखनाद से पालकी यात्रा की अगवानी की। 10 बजे भावसार धर्मशाला प्रांगण स्थित मुख्य झांकी पर भगवान की आरती हुई।
उधर, शहर में सिद्धनाथ के स्वागत अनुरूप तैयारियां की है। सुबह से ही बावड़ी बस स्टैंड व डायवर्शन रोड पर लगे सेवा स्टॉल शुरू हो गए। यहां शिवडोला में शामिल होने आए श्रद्धालुओं को कहीं सब्जी पुड़ी तो कही मिठाई, कहीं दूध लस्सी तो कहीं पोहा, चना की प्रसादी बांटी गई। गौरतलब है कि शिवडोला का यह 55वां वर्ष है। 80 से अधिक सेवा मंच सजे हैं।
यह शिवडोला का बढ़ा रहे वैभव
शिवडोला में 24 झांकी, 19 लोकनृत्य दल, सात अखाडे, 10 ढोल.ताशा दल, दो घुड़सवार, दो नगाड़ा दल, एक म्यूजिक ग्रुप सहित विभिन्न प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र है। शिवडोला में शामिल होने के लिए केवल शहर ही नहीं समूचा निमाड़-मालवा अंचल उमड़ा है।
खरगोन. मुख्य झांकी में विराजित हुए भगवान।