खरगोन.
भीषण गर्मी से तप रहे निमाड़ अंचल के खरगोन में रविवार देर शाम हवा-आंधी के साथ बारिश ने खूब तबाही मचाई। आसपास के ग्रामीण इलाकों में दो घंटे तक हवा-आंधी के साथ तेज बारिश हुई। इससे कई मकानों की चद्दरे और बिजली के पेड़ सहित सैकड़ों पेड़ धाराशायी हो गए। सुबह जब तबाही का मंजर सामने आया तो लोग परेशान नजर आया। जिनकी गृहस्थी उजड़ गई थी, वह निराश थे। कही लोगों को जान बचाने के लिए अपना घर छोड़ दूसरी जगह शरण लेना पड़ी। लोगों का कहना है कि अभी तक क्षेत्र में इसी तरह की आंधी- तूफान पहले कभी नहीं आया। पूर्व राज्यमंत्री के गृहग्राम टेमला सहित, नंदगांव बगूद, अकावल्या, रजूर, रामपुरा सहित आसपास के गांवों में भारी नुकसान हुआ है। इसी प्रकार ऊन थाना क्षेत्र के ग्राम गंधावड़ में आकाशीय बिजली गिरने से मां और बेेटी गंभीर रूप से घायल हो गई। दोनों को जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। बिजली की चपेट में आने से गाय और बछड़े की मौत हो गई।
जान बचाने के लिए घर छोड़ भागे
नंदगांव निवासी सीमा अशोक सांवले ने बताया कि शाम को अचानक मौसम बदला और तेज हवा-आंधी के साथ बारिश हुई। ओले भी गिरे। तूफान में कुछ समझ नहीं आया। चार बच्चों सहित पति के साथ जान बचाकर भागे। घर पर रखे पतरे उड़ गए। पूरा मकान टूट गया। भागते नहीं तो दमकर मर जाते। रात पड़ोसी के घर गुजारी और उसी ने खाना दिया।
सूखे खेतों में भर गया पानी, बरसाती नाले उफानें
क्षेत्र में करीब एक से डेढ़ घंटे तक तेज बारिश हुई। इससे बरसाती नाले उफान आ गए। मई की गर्मी में सूखे पड़े खेत पानी से लबालब भर गए। मौसम का यह मिजाज लोगों को हैरत में डाल रहा है। आमतौर पर मानसून के आगमन पर इसी तरह की बारिश होती है, जो मई में आ गई।
सुबह तक नहीं पहुंचा कोई जिम्मेदार
प्रभावित गांवों में लोग अपने टूटे मकानों को सुधारने के साथ गृहस्थी सवारने में जुटे थे। जिनके ऊपर पड़ी इस विपदा की किसी ने सुध नहीं ली। सुबह 11 बजे के लगभग खरगोन से विधायक रवि जोशी ने क्षेत्र का दौरा किया। जिन्होंने शासन-प्रशासन से पीडि़तों की आर्थिक सहायता किए जाने की मांग की।