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चार राज्यों को जोड़ेगी ताप्ती नर्मदा रेलवे लाइन, आसान होगा सफर

महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, गुजरात व राजस्थान के बांसवाड़ा जिले से गुजरेगी रेल लाइन, रेल लाइन आने से ही खुलेगा निमाड़ में तरक्की का मार्ग

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खरगोन. आजादी के बाद से ही निमाड़ अंचल के खरगोन व बड़वानी जिला रेलवे सुविधा से वंचित है। इससे आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र का विकास पिछड़ा हुआ है। रेल आने से ही निमाड़ की तरक्की का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। इसी ध्येय को लेकर ताप्ती-नर्मदा रेल लाइन समिति द्वारा जनआंदोलन चलाया जा रहा है। अब इसके लिए समिति सदस्यों का प्रतिनिधि मंडल गुजरात पहुंचा जहां इसके लिए सहयोग मांगा गया।

समिति सदस्यों के प्रतिनिधि मंडल ने गुजरात जाकर राज्य सभा सदस्य व पूर्व राज्य रेल मंत्री नराणसिंह राठवां और छोटा उदयपुर सासंद गीता बेन राठवां से भेंट की. दोनों नेताओं से समिति ने खरगोन, बड़वानी को अलीराजपुर से जोड़कर रेल सुविधा दिलवाने के लिए सहयोग मांगा। इसके लिए ज्ञापन भी सौंपा गया। नेताओं से अपेक्षा जताई कि जनता के हित में सदन के समक्ष यह मांग कर इसकी मंजूरी इसी सत्र में दिलवाने के लिए सहयोग करें। इस पर सांसद गीता बेन ने कहा कि वह निमाड़ की उन्नति व खुशहाली के लिए हर संभव प्रयास करेंगी।

अलीराजपुर जिले के अधिवक्ता राजेश राठौड़, खुर्शीद दीवान, कृष्णकांत पंचोली, ताप्ती नर्मदा रेलवे लाइन समिती निमाड़ के पदाधिकारी दामोदर अग्रवाल, दशरथसिंह यादव, तोताराम गोलकर, यशवंतशसिंह राठौर राहुल सोनी आदि ने बताया खंडवा से यदि रेल लाइन अलीराजपुर तक आती है तो यह गुजरात के बड़ौदा तक तो जाएगी। दाहोद रेल लाइन की मांग भी चल रही है। यदि इसकी स्वीकृति मिलती है तो निमाड़ के खरगोन व खंडवा जिले में टंट्या मामा, बड़वानी जिले में भगवान बिरसा मुंडा व भीमा नायक, भाभरा में चन्द्रशेखर आजाद की जन्मस्थली जुड़ जाएंगी। इसके साथ ही यह लाइन चार राज्यों महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, गुजरात व राजस्थान के बांसवाड़ा जिले को जोड़ेगी।

जिला व तहसील स्तर पर दे चुके धरना
रेलवे लाइन की मांग को लेकर समिति पदाधिकारी जिला व तहसील स्तर पर पूर्व में धरना प्रदर्शन कर चुके हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी मांग कर चुके हैं। इसके बाद अब गुजरात के राजनेताओं से सहयोग मांगा है। सदस्यों ने बताया कि निकट भविष्य में रेलवे लाइन आने से किसान, व्यापारी और मजदूरों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा।