26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

खरगोन

वीडियो स्टोरी : निमाड़ में गणगौर पर्व की धूम

-घर-घर पहुंची गणगौर माता, भक्तों ने किया पूजन, अर्चन, आज पावणी बन मन्नतधारी परिवारों के घर जाएगी

Google source verification

खरगोन

image

Gopal Joshi

Mar 25, 2023

खरगोन.
निमाड़ का प्रमुख गणगौर पर्व इन दिनों चरम पर है। शुक्रवार को माता बाडिय़ों पट खुले तो शनिवार उन्हें पानी पिलाने के लिए सार्वजनिक नदी घाटों, बावडिय़ों तक ले जाया गया। गली-मोहल्लों, चौराहों पर इन दिनों झालरिया गीतों की गंूज है। लहर लहर लहराये रे मईया तोरे मड़ के जवारे। सुधबुध दे मैया शारदा हिरदा की खोल किवाड़ी…। गणगौर गीत बाड़ी वाले बाड़ी खोल बाड़ी की किवाड़ी खोल… जैसे गणगौर भजन और जयकारों के बीच चैत्र नवरात्रि की तीज पर हजारों भक्तों ने माता की हरी-भरी बाड़ी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
शहर सहित समूचे अंचल में आठ दिन सेवा के बाद चैत्र प्रतिपदा तीज पर माता की बाडिय़ों के पट दर्शनार्थ खुले। श्रद्धालू कतारबद्ध होकर दर्शन के लिए खड़े रहे। पूजन-अर्जन के बाद दोपहर में श्रद्धालु श्रृंगारित रथों में मातारुपी ज्वारे अपने-अपने घर लेकर गए। सिर पर रथ लेकर बाडिय़ों से निकले माता सेवकों का रास्तेभर श्रद्धालूओं ने पैर धुलाकर स्वागत किया। अगले दो दिनों तक झालरिए के साथ रथों का भ्रमण नगर में होगा। शहर में करीब 50 से अधिक स्थानों पर माता की बाड़ी बोई गई थी।

कसरावद में प्राचीन परंपरा अनुसार कराया रणुबाई-धणियर का हुआ विवाह
कसरावद क्षेत्र के बलकवाड़ा में गणगौर पर बरसों से एक अनूठी परंपरा का निर्वाह किया जा रहा है, जो निमाड़ में अपना एक अलग ही महत्व रखती है। यह ां बाड़ी से माता को घर ले जाने से पूर्व विधिवत लग्न परंपरा निभाई जाती है जो अपने आप में एक अलग है। वैदिक पद्धति से पंडित द्वारा रनुबाई और धनियर राजा के लग्न की रस्म कराकर फिर विदा किया गया। वरिष्ठों जनों के मुताबिक ग्राम को माता का पीहर (मायका) माने जाने की मान्यता जनसामान्य में प्रचलित है। इसी परंपरा के चलते यहां बेटियों को भी बुधवार के दिन ससुराल नहीं भेजा जाता है। लग्न परंपरा से पूर्व ग्राम के भूपेंद्र सिंह, अमरसिंह मंडलोई, प्रीतम सिंह मंडलोई और पंडित बलिराम बारचे ने पूजन कर आरती की। वैदिक पूजन और लग्न कराने वाले आचार्य प्रमोद कुमार शुक्ला, तिलोकचंद शुक्ला, सहित पूरण राठौड़, प्रदीप बर्वे, सनातन संस्था के शुभम् कुमार अत्रे व लखन बर्वे, सुभाष पटेल, मधु सेन, पंकज बारचे आदि बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त, मातृ शक्ति और बच्चे. बच्चियां उपस्थित थे।
फोटो केजी 2507 खरगोन. सुबह माता बाडिय़ों के पट खुलते ही पूजन के लिए पहुंचे श्रद्धालु।