खरगोन.
शिक्षा, रोजगार के साथ अब खेल के क्षेत्र में भी लड़कियां लडक़ों से कम नहीं है। इसका ताजा उदाहरण डीआरपी लाइन के फुटबॉल मैदान में संचालित हो रहे समर कैंप से लगाया जा सकता है। यहां 45 लड़कियों ने पंजीयन कराया है और फुटबॉल खेल की बारीकियां सीख रही हैं। कैंप में बेटियां सुबह 5 से 9 व शाम 5 से 7 बजे तक सतत अभ्यास कर पसीना बहा रही हैं। उल्लेखनीय है कि जिले की बेटियां अब स्थानीय नहीं बल्कि नेशनल स्तर पर भी प्रतिभा दिखा चुकी हैं।
जिला फुटबॉल संघ के कोषाध्यक्ष गौरव निखोरिया ने बताया खरगोन में अब फुटबॉल लडकों तक सीमित नहीं है। 90 मिनिट के इस दमखम वाले खेल में खरगोन की बेटियां राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर खेल कर जिले का नाम रोशन कर चुकी हंै। ओपन सीनियर नेशनल, जूनियर नेशनल , स्कूल नेशनल, फुटसल नेशनल , फुटबॉल खेल के सभी फार्मेट में जिले के खिलाड़ी अब प्रदेश में अपनी पहचान बनाने लगे हैं। जिला फुटबॉल संघ के उपाध्यक्ष जितेंद्र हिरवे ने बताया इस वर्ष समर कैंप में करीब शहर की 45 बेटियों ने पंजीयन कराया।
एक वर्ष में 12 क्लब गठित
जिला फुटबॉल एसोसिएशन की नई बॉडी गठित होने के बाद जिले में फुटबॉल खेल के प्रति खिलाडिय़ों की रुचि बड़ी है। एक वर्ष के कार्यकाल में खरगोन सहित बड़वाह, सनावद, भगवानपुरा, महेश्वर, कसरावद से करीब 12 क्लब पंजीकृत हुए हैँं। 380 से अधिक खिलाड़ी नियमित फुटबॉल सिख रहे हैं। खरगोन में ऋषभ जोशी, अज्जू मंडलोई, नितेश राठौर, शिल्पा सोनी, कल्याणी भावसार बच्चों को फुटबॉल सीखा रहे हैं। बड़वाह में अर्पित मालवीय, चैरी, सनावद में राहुल बंसल, अभिजीत तोमर, भगवानपुरा में विजय पाटिल, महेश्वर में प्रतीक वर्मा, कसरावद में अतुल पंडित ट्रेनिंग दे रहे हैं। समर कैंप से बेस्ट खिलाडय़ों का चयन क्लब के लिए किया जाएगा।
खरगोन. समर कैंप में बेटियां सीख रही फुटबॉल की बारीकियां।