खरगोन.
गुड़ी पड़वा के दिन से हिंदू नववर्ष की शुरुआत हुई। इस दिन शहर दमक उठा। हिंदू धर्मावंबियों ने पूजन-अर्चन कर घर की छत पर गुड़ी बांधी और उत्साह से पर्व मनाया। घर-घर पुरनपोली बनी। इसका भोग लगाया गया। अल सुबह से ही हिंदू संगठन शहर में निकले और राहगीरों का तिलक लगाकर स्वागत किया। स्थानीय बिस्टान तिराहे पर हिंदु संगठन की महिला सदस्यों ने पीले वस्त्र और सिर पर पगड़ी बांध लोगों पर फूल वर्षा की।
उधर, समग्र हिंदू समाज के तत्वावधान में गुड़ी पड़वा के उपलक्ष्य में राम आरती एवं राम प्रसादी वितरण कार्यक्रम बुधवार शाम 5.30 बजे होगा। उक्त आयोजन स्वामी विवेकानंद पब्लिक हायर सेकंडरी स्कूल परिसर में रखा गया है। अंतरराष्ट्रीय कवि और पूर्व प्राध्यापक डॉक्टर शंभू सिंह मनहर ने बताया नगर में विशाल स्तर पर आयोजित राम आरती के कार्यक्रम में सभी हिंदू सनातनी बड़ी संख्या में उपस्थित होंगे। आरती में मांदल नृत्य के साथ आदिवासी बंधु भी भगवान राम की आरती बेला में अपनी नृत्य प्रस्तुति देंगे। समारोह में रंगारंग आतिशबाजी होगी।
क्या है गुड़ी पड़वा
पंडित आनंद स्वरूप मलतारे, ललित बार्चे ने बताया हिंदू पंचांग के अनुसार गुड़ी पड़वा के दिन ही चैत्र नवरात्रि और हिंदू नववर्ष की शुरुआत हो रही है। इस साल गुड़ी पड़वा पर्व 22 मार्च को मनाया गया। कथा. पौराणिक कथाओं के अनुसार, माना जाता है कि इसी दिन भगवान ब्रह्मा ने ब्रह्मांड का निर्माण किया था और भगवान ब्रह्मा ने दिनोंए सप्ताहोंए महीनों और वर्षों बनाएं।
ऐसे मनाते हैं गुड़ी पड़वा
इस दिन महिलाएं और पुरुष पारंपरिक कपड़े पहनकर घर के आगे या छत पर एक गुड़ी यानी झंडा रखते हैं। इसी में लोटे पर स्वस्तिक चिह्न बनाकर उस पर रेशम का कपड़ा लपेटा जाता है। गुड़ी को विजय का प्रतीक मानकर उसकी पूजा की जाती है।