खरगोन.
पर्यटन व पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से खरगोन का नाम देश-दुनिया फेमस हो इसकेे लिए जिला प्रशासन व सामाजिक संस्थाओं ने अनूठी पहल की। मुख्यालय से 6 किमी दूर मेहरजा स्थित 106 एकड़ क्षेत्र में फैली बंजर पहाड़ी पर एक साथ दस हजार पौधे रोपे गए हैं। यह जमीन अतिक्रमणकारियों की नजर में थी, प्रशासन ने इसका सदुपयोग किया। पत्रिका के हरित प्रदेश अभियान के तहत भी कई संगठन सह पौधरोपण में जुड़े।
बंजर पहाड़ी को हरियाली की चादर ओढ़ाने के लिए एक साथ चार हजार लोग पहाड़ी पर पहुंचे। इस क्षेत्र को निधि वन नाम दिया है। यहां पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन की दृष्टि से भी काम होंगे। तालाब में बोटिंग होगी। गगनचंूभी कृष्ण प्रतिमा स्थापित होगी। पौधरोपण की शुरुआत सुबह 9 बजे की गई। कलेक्टर शिवराजसिंह वर्मा, एसपी धर्मवीरसिंह, जिला पंचायत सीईओ ज्योति शर्मा ने सबसे पहले रुद्राक्ष का पौधा रोपा। इसके बाद तमाम विभागीय अफसर-कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों ने यहां पौधरोपण का श्रीगणेश किया। कलेक्टर ने कहा- यह परिकल्पना पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन की दृष्टि से खरगोन की अलग पहचान स्थापित करने के लिए की है। इसमें जनसहयोग अहम है। केवल पौधरोपण करना पर्यावरण संरक्षण नहीं, पौधों को सिंचकर उन्हें पेड़ों में तब्दील करना होगा तभी यह अभियान सार्थक होगा।
दिखी समरसता, पर्यावरण के लिए एकजुट समाज
पौधरोपण आयोजन में हर वर्ग के लोगों ने सहभागिता की। गायत्री परिवार के साधकों ने गायत्री मंत्र का जप कर पौधे रोपे वही बोहरा समाज ने भी यहां पौधरोपण किया। इसके अलावा सामाजिक संगठन से जुड़े सदस्यों सहित बड़ी संख्या में बच्चे भी पहुंचे हौर पौधे लगाए। पहाड़ी के चारों ओर 20 प्रजातियों के अलग-अलग पौधे लगाए हैं। प्रत्येक प्रजाति को झोन में बांटा गया है।
निधिवन में होगा यह सबकुछ
निधि वन में ओपन जीम, किड्स प्ले एरिया, एमपी थियेटर, 61 फीट का श्रीकृष्ण स्टेच्यू, बोट क्लब, स्वीमिंग पुल, सेंड प्ले एरिया, श्रीयंत्र, मियामाकी फॉरेस्ट, रिजर्व वायर व्यू, गजिबो, वीविंग डेब, हर्बल गार्डन, लोवर गार्डन, फाउंटेन, स्वीमिंग पुल, स्टोरेज शेड, इंटेरेंस एरिया, पार्किंग एरिया आदि का निर्धारण किया है।
इस लिहाज से महत्वपूर्ण है यह कदम
पर्यटन : वन निधि परिकल्पना साकार होती है तो यह पर्यटन की दृष्टि से बढ़ी उपलब्धि होगा।
विलुप्त पौधों का संरक्षण : निधि वन में कुछ पौधे ऐसे भी लगाए हैं जो विलुप्तता की कगार पर है।
विशाल जंगल : अभी शहर के आसपास सघन वन नहीं है। निधि वन तैयार होने से यह उपलब्ध होगा।
पशु-पक्षी : पेड़-पौधे होंगे तो यहां पशु-पक्षियों का बसेरा होगा। प्रवासी पक्षी भी आ सकेंगे।
मनोरंजन : अभी परिवार को छुट्टियां बिताने के लिए शहर से बाहर जाना पड़ता है। निधि वन में वह सबकुछ मिलेगा जो पर्यटन क्षेत्रों में है।