हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रभाव थोड़े समय बाद गायब हो गए। रोज ने कहा, "यदि बच्चे अपने खेल में कम रचनात्मक हैं तो आगे चलकर इसका उनके विकास पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।" सराह ने कहा कि यह धारणा पाई जाती है कि धीमी गति वाले कार्यक्रम ज्यादा शिक्षाप्रद होते हैं, लेकिन हमारे निष्कर्ष इसका समर्थन नहीं करते।