एप्रन एक्सटेंशन को मिली प्लानिंग डायरेक्टर से हरी झंडीकिशनगढ़ एयरपोर्ट विस्तार में महत्वपूर्ण कदम
कालीचरण
मदनगंज-किशनगढ़.
किशनगढ़ एयरपोर्ट विस्तार में एक और महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ गई है। एयरपोर्ट एप्रन (पार्किंग) में अब किसी भी समय एक साथ छह फ्लाइट खड़ी हो सकेंगी। किसी भी समय, आंधी तुफान आने या फिर सर्दियों के दिनों में कोहरी में भी यहां आसानी से विमान उतर सकेगा और एप्रन में खड़ा किया जा सकेगा।
किशनगढ़ एयपोर्ट पर वर्तमान में केवल दो शेड्यूल फ्लाइटों के अनूरूप ही एप्रन बना हुआ है। ऐसे में एयरपोर्ट के एप्रन में एक समय में मात्र दो ही फ्लाइट की जा सकती है। किशनगढ़ एयरपोर्ट विस्तार की कवायद और आगामी भविष्य को देखते हुए एप्रन एक्सटेंशन के लिए एयरपोर्ट प्रबंधन ने भारतीय विमान पतन प्राधिकरण नई दिल्ली को पत्र प्रेषित कर आवश्यकता जताई। इस पर प्राधिकरण मुख्यालय के प्लानिंग डायरेक्टर ने 4 और फ्लाइटों के खड़ा करने की क्षमता के लिए एप्रन एक्सटेंशन की अपू्रवल दे दी। अब जल्द ही एयरपोर्ट एप्रन एक्सटेंशन का काम शुरू हो सकेगा।
जयुपर एयरपोर्ट का एकमात्र विकल्प
भारतीय विमान पतन प्राधिकरण किशनगढ़ एयरपोर्ट को जयपुर एयरपोर्ट के विकल्प के रूप में ध्यान में रखते हुए इसके विस्तार की योजना पर काम कर रहा है। एप्रन एक्सटेंशन की अप्रूवल भी इनमें से एक महत्वूपर्ण काम है।
एक साथ खड़े हो सकेंगी छह फ्लाइट्स
एप्रन एक्सटेंशन के बाद एयरपोर्ट पर हर समय एक साथ छह फ्लाइटें एप्रन में खड़ी हो सकेगी। आंधी, तूफान आने, सर्दियों में कोहरा छाने या फिर किसी भी प्रकार से मौसम में आई खराबी आने पर यहां पर शेड्यूल फ्लाइटों के अतिरिक्त अन्य फ्लाइट्स या विमान को भी एप्रन में खड़ा किया जा सकेगा। यदि जयपुर एयरपोर्ट एप्रन में फ्लाइटों के खड़े रहने की जगह नहीं होने की सूरत में भी किशनगढ़ एयरपोर्ट पर फ्लाइटें की लेंडिंग करवा कर एप्रन में खड़ा किया जा सकेगा।
इनका कहना है...
एयरपोर्ट अथोरिटी नई दिल्ली के प्लानिंग डायरेक्टर ने एप्रन एक्सटेंशन की अप्रूवल दे दी है। वर्तमान में एप्रन में मात्र दो विमान खड़े हो सकते है और एक्सटेंशन के बाद यहां छह विमान खड़े जा सकेंगे। इनमें एयरबस 320 जैसे बड़े वाहन भी शामिल है।
-बी.एल. मीणा, निदेशक, किशनगढ़ एयरपोर्ट।