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Kishangarh : सैर में नहीं मन, झील में दिनभर खड़ी वाटर बोट

मनोरंजन मेंं घटती लोगों की दिलचस्पी

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Kishangarh : सैर में नहीं मन, झील में दिनभर खड़ी वाटर बोट

Kishangarh : सैर में नहीं मन, झील में दिनभर खड़ी वाटर बोट

मदनगंज-किशनगढ़.
अच्छी बारिश से बीते दो सालोंं से किशनगढ़ की ऐतिहासिक गुंदोलाव झील पानी से पूरी तरह लबालब भरी हुई है। पानी से भरी झील काफी मनोरम भी नजर आने लगी है। लेकिन इसके बावजूद लोग झील में बोटिंग इत्यादि सैर सपाटे में रूचि नहीं ले रहे है। यहीं कारण है कि बाटिंग के लिए लाई गई बोट दिनभर झील के किनारे खड़ी रहती है। दिनभर में वाटर बोट के कोई एकाद ही चक्कर हो पाते है।
बीते कुछ दिनों से सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक तेज धूप रहती है और इस दौरान लोग मनोरंजन के लिए घरों से बाहर निकलने में रूचि नहीं दिखा रहे है। तेज धूप से बचाव के लिए लोग घरों पर ही रहना पसंद कर रहे है। यहीं वजह है कि जहां पहले दिन सीजन में लोग झील में बोटिंग का लुत्फ उठाया करते थे वह भी अब बोटिंग करने में रूचि नहीं दिखा रहे है।
उदयपुर के वाटर बोट संचालक अशरफ खान ने बताया कि झील में पांच साल का बोटिंग का ठेका है और मार्च माह 2022 के शुरुआती दिनों में ही यहां झील में बोटिंग शुरू कर दी गई थी। लेकिन इसके बाद से ही यहां वाटर बोट, मोटर बोट इत्यादि में लोगों का रूझान औसतन कम ही देखने को मिला है। गर्मी का सीजन होने के बावजूद शाम करीब 6.30 बजे बाद ही कुछेक लोग ही परिवार समेत आते है और मोटर बोट से झील की सैर करते है। लेकिन मोटर बोट के एक या दो चक्कर ही हो पाते है।
यह सुविधा उपलब्ध
झील की सैर के लिए 7 सीटर की स्पीड बोट की सुविधा है। करीब 25 सीटर मोटर बोट है। झील में वाटर स्कूटर चलाने के शौकिन लोगों के लिए भी वाटर स्कूटर भी है।
जल्द भैरव घाट की तरफ भी बनेगा प्लेटफार्म
फिलहाल झील में वोटिंग के लिए फूल महल के पास प्लेटफार्म बनाया गया है और इसी प्लेटफार्म से बोटिंग इत्यादि से झील की सैर के लिए बुकिंग इत्यादि की जाती है और इस प्लेटफार्म से बोटिंग का संचालन व मोनिटिं्रग कार्य भी होता है। बोटिंग संचालक ने बताया कि दूसरा प्लेटफार्म झील के भैरवघाट की तरफ भी बनाया जाना है। ताकि दो क्षौरों से लोग बोटिंग की बुकिंग करा सकेंगे।
मिलेगी पेंडल बोट और लग्जरी बोट की सुविधा
बोटिंग संचालक ने बताया कि यहां पर पेंड़ल वोट और लग्जरी वोट भी लाई जाएगी। ताकि किशनगढ़ के लोग झील की सैर कर सकेंगे। स्पीड बोट, वाटर स्कूटर एवं मोटर बोट चलाने वाले एवं मौजूद कार्मिक सभी प्रशिक्षित गौताखौर है। साथ ही वोटिंग के दौरान सभी को लाइफ जैकेट भी पहनाई जाती है।
9 साल बाद फिर शुरू हो सकी बोटिंग
गुंदोलाव झील में पानी की अच्छी आवक होने से वर्ष 2013 में झील में नगरवासियों के मनोरंजन के लिए बोटिंग शुरू की गई। एक साल तक झील में नगरवासियों ने बोटिंग का लुत्फ उठाया। लेकिन गर्मी में पानी की कमी होने और नगर परिषद की ओर से वोटिंग टेंडर की दरों में बढ़ोत्तरी के चलते बोटिंग के लिए कोई संवेदक आगे नहीं आया और इस वजह से झील में बोटिंग बंद हो गई। लेकिन अच्छी बारिश होने और झील में पानी की आवक होने पर वर्ष 2022 मेंं अब एक बार फिर 9 साल बाद झील में बोटिंग शुरू हुई। लेकिन अब लोगों का रूझान नजर नहीं आ रहा है।

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