8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

मुख्यमंत्री के वार्ड में दूषित जल पीकर 1 की मौत, 8 लोग अस्पताल में भर्ती

- श्रमिक आवासन में स्थित पानी की टंकी का जल पीकर लोग हुए बीमार- निगम की ओर से जल के नमूने की होगी जांच
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

कोलकाता

•

image

Renu Singh

•

Updated: 16 Mar 2021, 8:11 AM IST

मुख्यमंत्री के वार्ड में दूषित जल पीकर 1 की मौत, 8 लोग अस्पताल में भर्ती

मुख्यमंत्री के वार्ड में दूषित जल पीकर 1 की मौत, 8 लोग अस्पताल में भर्ती

कोलकाता

महानगर के भवानीपुर स्थित मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के वार्ड नंबर 73 में एक श्रमिक आवासन में दूषित जल पीकर एक व्यक्ति की मौत हो गई।इसके साथ ही और 8 लोग अस्पताल में गंभीर रूप से बीमार है। मृतक की पहचान भुवनेश्वर दास के रूप में हुई। उसकी उम्र 43 साल बताई जा रही। वह झारखंड का रहने वाला था। उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था जहां उसकी मौत हो गई। बाकी 8 लोग को शंभूनाथ पंडित अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सुबह-सुबह ही निगम प्रशासन को घटना की जानकारी मिली। निगम के प्रशासक फिरहाद हकीम ने कहा कि उन्होंने निगम आयुक्त तुरंत घटनास्थल का जायजा लेने को कहा और इसके साथ साथ ही जल नमूनों की जांच की जा रही है। सूत्रों ने बताया कि श्रमिक आवासन आवासन के भीतर एक पानी की टंकी है आमतौर पर वहां के लोग उसी का पानी पीते हैं अचानक ही रात को दूषित जल पीकर 10 अधिक लोग बीमार हो गए। जब उसमें से 1 को अस्पताल में ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई। इस घटना से पूरे इलाके के लोग सकते में हैं सोमवार को कोलकाता नगर निगम में प्रशासक फिरहाद हकीम ने कहा कि पानी की जांच की जा रही है। यह घटना आम बात नहीं है अगर पानी दूषित होता तो इसके पहले यह बात पता चल जाती लेकिन अचानक इस प्रकार के कारण से निगम खुद निगम इस मामले की जांच कर रही है। पानी की जांच करने के लिए प्रयोगशाला में भेज दिया गया है। इसके साथ ही इलाके में लोगों को सभी उचित निर्देश दिए जा रहे हैं। वार्ड ऑर्डिनेटर से खबर ना मिलने की बात पर फिरहाद हकीम ने कहा कि उन्होंने वार्ड कोऑर्डिनेटर से अभी तक बात नहीं की है। लेकिन ऐसी घटना यह बहुत दुखजनक घटना है। उन्होंने कहा कि किसी का भी मरना दुखद है। लेकिन जिनकी मौत हुई है उन्हें हृदय गति सहित कई चीजों की समस्या थी। अतः जब तक पानी की जांच नहीं हो जाती तब तक यह स्पष्ट नहीं पता चल सकता कि कारण क्या है। इस घटना को लेकर नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ उंगली उठाई गई है। आवासन में पानी से लेकर स्वास्थ्य और स्वच्छता पूरी तरह से निगम द्वारा नियंत्रित है।