
कोलकाता में ऑनलाइन बिजनेस के नाम पर फर्जी कंपनियों का फैला मकड़जाल
ऑनलाइन बिजनेस के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर ग्राहकों को चपत लगाने के मामले दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि कानून में कठोर प्रावधान की कमी के कारण जालसाज आम से लेकर खास तक को अलग अलग हथकंडे अपना कर आसानी से अपने जाल में फंसा लेते हैं। कपड़ा व्यवसायी देवेंद्र भट्टड़ ने कहा कि बाजार में 70 से 80 प्रतिशत कंपनियां फर्जी हैं। इनके लुभावने ऑफर देखकर लोग आसानी से जाल में फंस जाते हैं और अपनी पूंजी गंवा देते हैं। इसको रोकने के लिए सरकार को कठोर नियम बनाये जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि फर्जी कम्पनियों के माध्यम से ऑनलाइन बिजनेस करने वालों पर लगाम लगानी बहुत जरूरी है।
स्वर्ण व्यवसायी श्रवण कुमार सोनी ने कहा कि सोशल मीडिया जालसाजों के लिए फर्जीवाड़े का साधन बन गया है। अक्सर ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर फेसबुक और व्हाट्सएप आदि पर आकर्षक प्रलोभन देकर प्रचार किया जाता है। फायदेमंद ऑफर देखकर लोग जल्दी इनके झांसे में आ जाते हैं। इस दौरान ग्राहक को पहले पूरा विश्वास दिलाने के बाद राशि का अग्रिम भुगतान करने को कहा जाता है। जब तक पूरा मामला ग्राहक को समझ में आता है तब तक वह ठगी का शिकार हो चुका होता है और अपना नुकसान कर बैठता है।
स्वर्ण व्यवसायी ने बताया कि हाल ही बड़ाबाजार के एक कारोबारी के साथ ऐसी घटना हुई थी जिसमें पीडि़त ठगी का शिकार हो गया। इस सम्बंध में कारोबारी ने थाना में शिकायत भी दर्ज कराई लेकिन, अभी तक उसका निवारण नही हुआ। बीमा एजेंट कौस्तुभ साहा ने कहा कि सामान की खरीदारी हो या भुगतान किसी भी तरह की ऑनलाइन प्रक्रिया में अब डर सा लगने लगा है। इस संबंध में एक निजी बैंक के उच्च अधिकारी ने कहा कि ऑनलाइन शॉपिंग अथवा पेमेंट करते समय उपयोगकर्ता का सतर्क रहना बहुत जरूरी है। ऐसी प्रक्रिया में वेबसाइट की अच्छी तरह से जांच करने के बाद और सिक्योर साइट से ही शॉपिंग की जानी चाहिए। वहीं भुगतान के लिए ओटीपी किसी से भी साझा नही करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बैंक के नाम पर आने वाले मैसेज को भी ब्रांच में सम्पर्क कर उसकी सत्यता की पुष्टि करनी जरूरी है।
Published on:
28 Nov 2024 12:40 pm
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