
बीच गंगा में जहाज में विराजेंगी देवी दुर्गा
हावड़ा
रामकृष्ण स्वामीजी स्मृति संघ की ओर से इस बार दुर्गा पूजा में प्राचीन इतिहास दोहराया जा रहा है। 2100 वर्ष पहले जिस तरह मां दुर्गा की पूजा होती थी उसी तरह होगी। हावड़ा स्टेशन से थोड़ी दूर रामकृष्णपुर घाट के समीप ग्रांड फोरशोर रोड से गंगा नदी में विशाल जहाज पर प्राचीन समय की १५ फीट ऊंची मां दुर्गा की प्रतिमा(फाइबर) दिखेगी। संघ के अध्यक्ष सत्यब्रत सामंत कहते हैं कि हम वर्तमान युग में अतीत को भूलते जा रहे हैं। ऐसे में हमने पुराने इतिहास को दोहराते हुए थीम चुनी है। गंगा नदी में दुर्गोत्सव की मुख्य थीम राज्य के सहकारिता मंत्री अरुप राय की है। उन्हीं की प्रेरणा से हम इसे तैयार कर रहे हैं। इसमें ६६ वार्ड के पार्षद नारायण मजूदार ने सराहनीय भूमिका है। पिछले साल दुर्गापूजा के बाद हमने निर्णय लिया था कि हम प्राचीन इतिहास की थीम पर दुर्गापूजा आयोजित करेंगे। हमने पुराने इतिहास के तहत कोलकाता पुस्तक मेला व राष्ट्रीय ग्रंथागार (कोलकाता), कोलकता जादूघर, राजस्थान स्थित जयपुर जादूघर से सूचनाएं एकत्र की और इतिहास को जानने का काम किया। फिर 2100 साल पहले कैसे दुर्गापूजा होती थी? उसकी सूचनाएं एकत्रित की। हावड़ा ब्रिज व द्वितीय हुगली सेतु के बीच गंगा में भव्य पूजा मंडप व मां दुर्गा की प्रतिमा दिखाई देगी। घुसुड़ी जहाज कारखाना में जहाज के ऊपर मंडप को तैयार करने का काम अपने अंतिम चरण में है। इस जहाज को घुसुड़ी से रामकृष्णपुर घाट के समीप गंगा नदी में लाया जाएगा। मूर्तिकार सुधीर माइती मां दुर्गा की प्रतिमा फाइबर से तैयार कर रहे है। तृतीया के अवसर पर इसका उद्घाटन राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी करेंगी। हावड़ा सिटी पुलिस ने बताया कि ग्रांड फोरशोर रोड को दुर्गापूजा के लिए तृतीया के दिन से ही बंद कर दिया जाएगा। क्योंकि इस पूजा का प्रचार इतना हो गया है कि इसे देखने वाले दर्शनार्थियों की भारी भीड़ उमड़ेगी।
Published on:
04 Oct 2018 08:27 pm
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