
बेलगछिया भगाड़ में कचरों का पहाड़ बन गया है
बेलगछिया भगाड़ में कचरों का पहाड़ बन गया है
- कचरा को डिस्पोजल करने में करनी पड़ रही है मिशक्त
हावड़ा
हावड़ा नगर निगम का डम्पिंग ग्राउण्ड बेलगछिया भगाड़ में कचरों का पहाड़ बन गया है। अभी यहां कचरों को फेकने के लिए जो वाहन जाते है उन्हें घंटो इंतजार करना पड़ता है। वर्तमान में बेलगछिया भगाड़ में 60 फीट का उच्चा कचरों का पहाड़ बन गया है। ऐसे में निगम के सामने कचरे को फेकने की सबसे बड़ी चुनौती है। यह कारण है कि कचरा जहां तहां दिखता नजर आता है। 17 एकड़ भूखण्ड में स्थित इस बेलगछिया भगाड़ में कूड़ा फेकने निगम के लिए चुनौती है। ऐसे में निगम यहां 17 एकड़ में थोड़ी भी जगह खाली नहीं है। इस चुनौती से निपटने के लिए पूर्व मेयर डॉ रथीन चक्रवर्ती ने डोमजूर क्षेत्र में नए जमीन को लेने की बात दोहराते रहे लेकिन हुआ कुछ नहीं। हावड़ा शहर का कचरा अब कहां फेका जाएगा। इसकी समस्या अभी से नजर आने लगी। कचरा ले जाकर फेकने के लिए काफी रूपया खर्च होता है। ऐसे में निर्मल बांगला योजना के तहत हावड़ा नगर निगम इस दिशा में चल पड़ा है कि क्यों नहीं कचरों को निकलने से पहले ही उसे डिस्पोजल कर दिया जाए। इसके लिए निगम ने क्रेडाई के साथ मिलकर इमारतों में ही सुखे व गीले कचरे को मंशीन में डालकर खाद् व प्लास्टिक के दाने बनाने की शुरुआत कर दी। शिवपुर के विवेक बिहार में यह योजना तो शुरु हो गई। लेकिन जो इमारते बड़ी है और उनमें जगह की किल्लत है। उनके लिए निगम ने राउण्ड टैंक लेन में निगम की जगह पर 10-15 इमारतों के गिले कचरे से खाद्य बनाने वाली मशीन लगाने की योजना बना ली है। निगम चाहता है कि कचरे का डिस्पोजल उसी इलाके में हो जाए। इसके साथ 17 एकड़ (बेलगछिया भगाड़)में जमें कचरे को खाली करने के लिए कचरे को अलग अलग कर उनको डिस्पोजल कर दिया जाएगा। हावड़ा शहर से पूरे दिन 850 से 900 मेट्रीक टन कचरा प्रतिदिन निकलता है। बेलगछिया भगाड़ में कचरों के कारण आस पास से दुर्गन्ध भी वहां के नागरिकों के लिए काफी दुखदायी होता है। बारिश के दिनों में आस पास के लोग काफी परेशान रहेंगे। देश के ग्रीन ट्रेव्यूनल ने प्रदूषण मुक्त करने के लिए सभी नगर निगम व नगरपालिका को 2016 में आदेश दिया था। करीब चार साल बाद हावड़ा नगर निगम ने क्लीन व ग्रीन हावड़ा योजना को लागू करने के लिए 22 नंबर वार्ड से इसकी शुरुआत की है। इसके तहत गीला व सुखा कचरे के लिए दो कूड़ेदान सभी को दिए गए है। उनको एक समय बता दिया गया है। उसी समय पर गीला व सुखा कचरा लेने की लिए छोटी छोटी बैट्री चालित वाहन जाएगे। धीरे धीरे इस वार्ड में साफ सफाई नजर आने लगी है। जल्दी ही इस तरह की योजना सभी वार्डो में चालू कर दी जाएगी। राज्य सरकार की ओर से निर्मल बांगला योजना के तहत नगरपालिकायों की वित्तिय मदद दी जा रही है।
इनका कहना है
कचरे की सफाई में दिक्कत जरुर आ रही है। बेलगछिया भगाड़ में कचरा फेकने की जगह ही नहीं है। निगम को 10- 15 एकड़ की जगह नए डम्पिंग ग्राउंड के लिए चाहिए। इतनी जगह नहीं मिल रही है। इसलिए हम अपना ध्यान इस तरफ लगा रहे है कि कचरे को इलाके में ही अलग अलग कर उससे खाद व प्लास्टिक का दाना तैयार करेगें। इससे कचरा फेकना भी नहीं पड़ेगा। बेलगछिया भगाड़ में 50 से 60 फीट तक उच्चा कचरों का पहाड़ बन गया है। ऐसे में कचरा फेकने में काफी दिक्कत हो रही है। आम जनता के बीच जागरुकता फैलाकर हम निकलने वाले कचरे को कम कर सकते है। इसी दिशा में हम प्रयास कर रहे है।
बिजिन कृष्णा, आयुक्त, हावड़ा नगर निगम।
क्या कहना है क्रेडाई के चेयरमैन का
हावड़ा व हुगली के क्रेडाई के चेयरमैन राम रतन चौधरी ने कहा कि विवेक विहार की तरह अन्य इमारतों में कचरे के निपटारे के लिए मशीन लगानी चाहिए। ताकि इमारते से निकलने वाला कचरा शून्य हो जाए। इससे निगम पर दबाब कम होगा। जहां जगह नहीं है।
Published on:
28 Feb 2020 03:38 pm
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