23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बंगाल: जिला जज ने कलकत्ता हाईकोर्ट को पत्र भेजा, सुरक्षा पर चिंता जताई

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिला के डायमंड हार्बर के एक जिला जज ने कलकत्ता हाईकोर्ट को पत्र लिखकर अपनी सुरक्षा पर चिंता जताई है। पत्र हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को भेजा गया है। अपने पत्र में जिला जज ने लिखा है कि गत 1 तारीख की आधी रात को कुछ अपराधी उनके आवास के सामने जुट गए और उनके आवास का बिजली कनेक्शन काट दिया। रातभर उनकी दहशत से उनका परिवार भयभीत रहा। जिला जज ने पत्र में लिखा है कि नाबालिगों के साथ बलात्कार और हत्या से संबंधित पॉक्सो कानून के मामले में जिला जज सजा सुनाते हैं।

2 min read
Google source verification
बंगाल: जिला जज ने कलकत्ता हाईकोर्ट को पत्र भेजा, सुरक्षा पर चिंता जताई

बंगाल: जिला जज ने कलकत्ता हाईकोर्ट को पत्र भेजा, सुरक्षा पर चिंता जताई

आधी रात को अपराधियों ने काटा था बिजली कनेक्शन

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिला के डायमंड हार्बर के एक जिला जज ने कलकत्ता हाईकोर्ट को पत्र लिखकर अपनी सुरक्षा पर चिंता जताई है। पत्र हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को भेजा गया है। अपने पत्र में जिला जज ने लिखा है कि गत 1 तारीख की आधी रात को कुछ अपराधी उनके आवास के सामने जुट गए और उनके आवास का बिजली कनेक्शन काट दिया। रातभर उनकी दहशत से उनका परिवार भयभीत रहा। जिला जज ने पत्र में लिखा है कि नाबालिगों के साथ बलात्कार और हत्या से संबंधित पॉक्सो कानून के मामले में जिला जज सजा सुनाते हैं। इसी कारण कई जिला जजों और उनके परिवार को अपराधियों का खतरा बना रहता है। जिला जज ने लिखा है कि घटना के दूसरे दिन उन्होंने जिला पुलिस से शिकायत की थी पर, उन्हें महत्व नहीं दिया गया। इसी कारण वे जिला पुलिस की सुरक्षा से वे संतुष्ट नहीं हैं।

कड़ी कार्रवाई करने का आदेश

इस बीच कलकत्ता हाईकोर्ट प्रशासन ने जिला पुलिस को मामले में कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया। डायमंड हार्बर के पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिला जज के आवास के सामने रात आठ बजे से सुबह आठ बजे तक पुलिस का पहरा लगा दिया गया। जिला जज की सुरक्षा के लिए जो पुलिस तैनात थे उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इस घटना से पुलिस के जुड़े होने की शिकायत की गई है। मुख्य न्यायाधीश को जिला जज के पत्र की जानकारी दी गई है। इससे पहले भी दक्षिण 24 परगना के कुछ जिला जजों की शिकायत पर मुख्य न्यायाधीश ने कड़ा आदेश जारी किया था।

जूनियर डॉक्टर हाईकोर्ट की शरण में, सीपी पर सुनवाई 18 को

आरजीकर अस्पताल की घटना को लेकर सरकारी अस्पतालों के जूनियर डॉक्टर धरने पर हैं मगर, पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी है। धरने में शामिल होने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। गुरुवार को न्यायाधीश राजर्षि भारद्वाज की अदालत में इसपर सुनवाई हो सकती है। दूसरी ओर कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवज्ञानम कोलकाता के पुलिस आयुक्त विनीत गोयल को पद से हटाने की याचिका पर 18 सितंबर को सुनवाई करेंगे। बुधवार को अधिवक्ता अमृता पाण्डेय ने इस विषय पर अदालत का ध्यान आकृष्ट किया। आरजीकर की घटना को लेकर कोलकाता के पुलिस आयुक्त को पद से हटाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। आरजीकर की घटना पर 17 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है।

अग्निमित्रा को देख डॉक्टरों ने लगाए वापस जाओ के नारे

राज्य स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय स्वास्थ्य भवन के बाहर धरना दे रहे आंदोलनकारी जूनियर चिकित्सकों ने बुधवार को भाजपा की वरिष्ठ नेता अग्निमित्रा पॉल को देखने के बाद वापस जाओ के नारे लगाए। हालांकि, पॉल ने दावा किया कि वे वहां विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए नहीं गई थीं, बल्कि वे समीप में स्थित भाजपा कार्यालय जाने के लिए उस इलाके से गुजर रही थीं।