
विवाद के बाद रद्द हुई नाटक की प्रस्तुति
राज्य सरकार ने रद्द की शिशिर मंच की बुकिंग
नाटककार ने पुलिस दर्ज कराई धमकी मिलने की शिकायत
कोलकाता
विवादित शीर्षक से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने का कारण बताते हुए कोलकाता पुलिस के पास की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने यहां मंचित होने वाले बांग्ला नाटक का मंचन रद्द कर दिया। नाटक के शीर्षक का सोशल मीडिया में जबरदस्त विरोध किया जा रहा था। विवाद बढ़ता देख कोलकाता स्थित राज्य सरकार के एक प्रेक्षा गृह ने इस नाटक का मंचन रोक दिया। दूसरी ओर नाटक के लेखक और निदेशक प्रबीर मण्डल ने दावा किया कि सोशल मीडिया पर उनका फोन नंबर वायरल होने के बाद फोन पर उन्हें जान से मारने की धमकी मिली है। जिसकी उन्होंने पुलिस में शिकायत की है। नाटक के विवादित शीर्षक के खिलाफ सुमंत्र माइती ने 17 जून को कोलकाता पुलिस से शिकायत की। शिकायत में कहा गया कि नाटक उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचा रहा है। दूसरे दिन कोलकाता पुलिस ने कार्रवाई करते प्रस्तुति के प्रचार के लिए लगाए गए पोस्टर हटा दिए और नाटककार के खिलाफ कार्रवाई करने का दावा किया। शनिवार को राज्य सरकार ने नाटककार प्रवीर मण्डल को सूचित किया कि उनके नाटक के मंचन के लिए 25 जून को प्रेक्षागृह शिशिर मंच की बुकिंग को रद्द किया जा रहा है।
बांग्लादेशी अल्पसंख्यक हिन्दुओं के हाल पर फोकस
नाटककार ने अपने नाटक पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि नाट्य प्रस्तुति में बांग्लादेश में जिल्लत की जिंदगी जी रहे अल्पसंख्यक हिन्दुओं की समस्याएं उठाई गई हैं। उनकी मां का जन्म स्थल बांग्लादेश है। वे अपनी मां के साथ वहां गए हुए थे। वहां हिन्दुओं की स्थिति देखने के बाद उन्हें यह नाटक लिखने का विचार आया था।
उनके नाटक का केन्द्रीय पात्र एक चोर है। जिसे स्थानीय लोग बात-बात पर उसे चोर बोलने से पहले उसका धर्म बोलते हैं। वहीं से नाटक का शीर्षक लिया गया है। कहानी के मुताबिक उसके घर पर कब्जा करने के लिए स्थानीय अपराधियों की ओर से उस पर गांव छोडऩे का दवाब डाला जाता है।
Published on:
25 Jun 2018 11:03 pm
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