दार्जिलिंग शहर से लगभग 11 किलोमीटर दूर स्थित टाइगर हिल दार्जिलिंग की पहाडिय़ों में सबसे ऊंची व छोटी है। यहां से सूर्योदय देखना एक अद्भुत अनुभव होता है।
कोलकाता
पश्चिम बंगाल सरकार ने सुर्योदय के मनोरम दृश्य के लिए मशहूर दार्जिलिंग के टाइगर हिल पर टूरिस्ट हब विकसित करने का निर्णय किया है। पहाड़ी पर पयर्टन विभाग पर्यटकों के ठहरने के लिए अत्याधुनिक सुविधायुक्त लॉज/होटल/कॉटेज बना रहा है। वन विभाग उनके आसपास में सुंदर दिखने वाले पौधे और घास लगा रहा है। दार्जिलिंग शहर से लगभग 11 किलोमीटर दूर स्थित टाइगर हिल दार्जिलिंग की पहाडिय़ों में सबसे ऊंची व छोटी है। यहां से सूर्योदय देखना एक अद्भुत अनुभव होता है। सूर्योदय होता है तो उससे कुछ सेकंड पहले कंचनजंगा की बर्फ से ढकी चोटियों पर सिंदूरी लालिमा छाने लगती है। प्रकृति का ऐसा खूबसूरत नजारा हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देता है। टाइगर हिल से हिमालय की पूर्वी भाग की चोटियां दिखाई देती हैं। यदि मौसम साफ हो तो यहां से हिमालय की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट भी दिखती है। यहां से टाइगर हिल की दूरी लगभग 107 मील मानी जाती है। टाइगर हिल पर सैलानियों की सुविधा और सर्दी से बचाव के लिए एक कवर्ड शेल्टर बिल्डिंग भी बनाई गई है। हालांकि ज्यादातर लोग खुले आसमान के नीचे हाड़ कंपा देने वाली सर्दी में ही रहकर इस अद्भुत नजारे का साक्षी बनना पसंद करते हैं। पर्यटन विभाग का मानना है कि परियोजना के पूरी होने के बाद टाईगर हिल पर पर्यटकों की संख्या और बढ़ेगी। दार्जिलिंग से लगभग 14 किलोमीटर दूर टाइगर हिल 8482 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां पर्यटकों को चढाई करके पहुंचना होता है। यहां से बर्फ में ढकी कंचनचंघा का नजारा के साथ माऊंट एवरेस्ट की चोटी भी दिखती है।
सुर्योदय के अद्भुत नजारा देखने बड़ी संख्या में पयर्टक टाइगर हिल जाते हैं। अभी तक लोग कुले अाकास के नीचे खड़े होकर उक्त मनोरम दृश्य को देखते हैं। परियोजना के पूरी होने के बाद पर्यटक अपने कमरे की खिड़की से भी सूर्योदय के नजारे को देख सकेंगे।