कोलकाता। पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के सम्बन्ध में लोकसभा की आचार समिति की रिपोर्ट शुक्रवार को निम्न सदन में पेश की गई, जिसके बाद टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा की लोकसभा सदस्यता रद्द कर दी गई। इस पर विपक्षी सांसद सदन से वॉकआउट कर गए। महुआ ने भाजपा पर प्रतिशोध की राजनीति का आरोप लगाया और कहा कि उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया।
कांग्रेस सहित कई विपक्षी नेताओं ने जहाँ महुआ की संसद सदस्यता रद्द करने को अलोकतांत्रिक बताया, वहीं एनडीए समर्थित दलों ने महुआ पर देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। अब इस मामले को लेकर पश्चिम बंगाल के बीजेपी और टीएमसी नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई हैं।
भाजपा सत्ता में महिला को बर्दाश्त नहीं कर सकती : पांजा
पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री और टीएमसी नेता डॉ. शशि पांजा ने महुआ मोइत्रा की लोकसभा सदस्यता रद्द होने पर कहा कि बीजेपी महुआ मोइत्रा से डर गयी थी, क्योंकि वे उनके खिलाफ सदन में आवाज उठाती थी। इसलिए महुआ को संसद से निष्कासित किया गया। एक महिला का सत्ता में होना ऐसी चीज है, जिसे भाजपा बर्दाश्त नहीं कर सकती। उन्होंने(भाजपा) कैसे सोचा कि यह निष्कासन उन्हें(महुआ मोइत्रा) चुप कराने के लिए काफी है? वे 2024 में फिर चुनाव लड़ेंगी।
महुआ मोइत्रा ने देश की सुरक्षा के साथ किया खिलवाड़ : अग्निमित्रा
वहीं लोकसभा सदस्य के रूप में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के निष्कासन पर पश्चिम बंगाल से भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि कोई भी हो, कानून से ऊपर नहीं है और महुआ मोइत्रा ने देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया है। फिर भी उन्हें(महुआ मोइत्रा) शर्म नहीं आती। वह इस मामले को उलझाने की कोशिश कर रही हैं। उनका कहना है कि उन्हें इसलिए निष्कासित कर दिया गया क्योंकि वह अडानी और पीएम मोदी के खिलाफ सवाल उठा रही थीं।