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एसआइआर के खिलाफ सीएम ममता ने ‘अस्थायी रूप से’ प्रदर्शन रोका

कैनवास पर जताया प्रतीकात्मक विरोध कोलकाता. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के खिलाफ धर्मतल्ला स्थित मेट्रो चैनल पर पांचवें दिन मंगलवार को अपने धरना प्रदर्शन को ‘अस्थायी रूप से’ रोकने की घोषणा की। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही सोमवार को तृणमूल कांग्रेस महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सीएम […]

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कैनवास पर जताया प्रतीकात्मक विरोध

कोलकाता. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के खिलाफ धर्मतल्ला स्थित मेट्रो चैनल पर पांचवें दिन मंगलवार को अपने धरना प्रदर्शन को 'अस्थायी रूप से' रोकने की घोषणा की। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही सोमवार को तृणमूल कांग्रेस महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सीएम ममता से अनुरोध किया था। धरना समाप्ति की घोषणा से पहले मुख्यमंत्री ममता ने कहा, 'बंगाल को बांटने, लोगों को बांटने का खेल बंद होना चाहिए। मैं चाहती हूं कि जैन, बौद्ध, आदिवासी, मतुआ, मुस्लिम, ईसाई, सिख, जितने धर्म, वर्ग, संप्रदाय हैं सभी को इस बारे में सोचना चाहिए। अगर दाल में कुछ काला नहीं था तो उन्होंने एक महीने पहले राज्यपाल क्यों बदला?'

कैनवास पर जताया प्रतीकात्मक विरोध

इससे पहले उन्होंने एसआइआर के खिलाफ एक प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया। इस दिन मुख्यमंत्री ने धरना मंच पर ब्रश और कैनवास से एक पेंटिंग बनाई, जिसमें चुनाव आयोग के प्रति तीखा संदेश दिया। उन्होंने बड़े अक्षरों में 'एसआइआर' लिखा और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर टिप्पणी करते हुए उन्हें 'वैनिश कुमार' बताया। इसे चल रही मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के खिलाफ विरोध के रूप में देखा गया। ममता बनर्जी ने दोहराया कि मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित होने तक यह विरोध आंदोलन जारी रहेगा। पार्टी का आरोप है कि एसआइआर अभ्यास के तहत कई वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस नेताओं ने इस पेंटिंग को लोकतंत्र में मतदाताओं की सर्वोच्चता का प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व बताया। वहीं चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूचियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पुनरीक्षण प्रक्रिया आवश्यक है।

मंत्री ने लगाए आरोप

हावड़ा में राज्य मंत्री अरूप राय ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने बेलूड़ मठ की पवित्र ज़मीन पर खड़े होकर झूठ बोला है। काफी वास्तविक मतदाताओं के नाम छूट गए हैं। कई लोगों पर केस चल रहा है। लोगों का मतदान अधिकार छीनकर कभी भी शांतिपूर्ण चुनाव मुमकिन नहीं है। भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जिस तरह से काम कर रहा है, उससे उसकी निष्पक्षता को नुकसान पहुंचा है। पहले भी कई चुनाव आयुक्त रहे हैं। लेकिन किसी को इस तरह काम करते नहीं देखा गया। उनका एकमात्र मकसद किसी भी कीमत पर भाजपा के कार्यक्रम को लागू करना है। हावड़ा सदर तृणमूल कांग्रेस की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में तृणमूल कांग्रेस हावड़ा सदर अध्यक्ष गौतम चौधरी और युवा अध्यक्ष कैलाश मिश्रा भी मौजूद थे।