
Politics of Agriculture law : कांग्रेस सांसद ने ममता से किया बंगाल में अलग कृषि कानून बनाने का आग्रह
कहा, संविधान के अनुच्छेद 254 (2) के तहत केन्द्र के कानून को दरकिनार कर सकता है राज्य
कोलकाता
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रो. प्रदीप भट्टाचार्य ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से केंद्र की ओर से पारित "कृषि विरोधी" कानून की अवहेलना करने और किसानों के हितों की रक्षा के लिए विधानसभा में कानून बनाने का आग्रह किया है। उन्होंने इस सिलसिले में मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। ममता बनर्जी को भेजे गए अपने पत्र में प्रो. भट्टाचार्य ने लिखा है कि पिछले दिनों केन्द्र सरकार की ओर पारित किए गए तीन कानून लागू करने पर कृषि पैदावार खरीदने के लिए न्यूनतम समर्थन व्यवस्था समाप्त हो जाएगी, किसानों के शोषण का जरिया बन जाएगा और कृषि क्षेत्र पर कॉर्पोरेट क्षेत्र कब्जा कर लेंगे। इस लिए उनसे आग्रह है कि वे इस किसान बिरोधी कानून को लागू करने से केन्द्र सरकार को रोकने की पहल करें।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों केन्द्र सरकार की ओर से राज्यसभा में कृषि विधयक पारित होने के बाद राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने रविवार को इन विधेयकों को मंजूरी दी।
प्रो भट्टाचार्य ने अपने पत्र में कहा है कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने सभी पार्टी शासित राज्य सरकारों को संविधान के अनुच्छेद 254 (2) के तहत विधानसभाओं में कानून बनाकर इन केंद्रीय अधिनियमों को दरकिनार करने की संभावनाओं का पता लगाने की सलाह दी है। भट्टाचार्य ने जोर दे कर कहा है कि इससे राज्य "तीन कृषि कानूनों" को दरकिनार कर सकेंगे। इससे पहले माकपा नीत वाम मोर्चा और कांग्रेस ने 24 सितंबर को मुख्यमंत्री से आह्वान किया था कि वे "किसान विरोधी किसान विधेयकों" पर चर्चा के लिए जल्द ही राज्य विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएं।
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और मुख्यमंत्री बनर्जी ने भी दावा किया है कि तीन कृषि कानूनों से बड़े कॉर्पोरेट्स को मदद मिलेगी और देश में खाद्य संकट पैदा होगा। इस दिन कृषि कानूनों के विरोध में पश्चिम बंगाल प्रदेश कांगेस और तृणमूल कांग्रेस ने राज्य में अलग-अलगविरोध प्रदर्शन किया।
Published on:
30 Sept 2020 07:06 pm

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