दशरथ मृत्यु प्रसंग सुन आंखों में छलके आंसू
दशरथ मृत्यु प्रसंग सुन आंखों में छलके आंसू
सामूहिक संगीतमय नवान्ह परायण पाठ का पांचवा दिन
- आयोध्य नगरी की अनुभूति भक्तों ने की
हावड़ा
ब्रह्मलीन संत रामदास महाराज की प्रेरणा व हनुमान महाराज की कृपा से श्री सीताराम सत्संग समिति, कोलकाता के सामूहिक संगीतमय सुन्दरकाण्ड पाठ के सोलह सौ पच्चीस सप्ताह पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सामूहिक संगीतमय श्री राम चरित मानस के नवाह्न परायण पाठ का श्रवण करने श्रीराम वाटिका में सोमवार(पांचवे दिन ) श्रीराम भक्त उमड़े। आयोजन स्थन पर श्रीराम का भव्य दरबार सजाया गया। पूजा अर्चना के साथ पाठ की शुरूआत हुई।
जिसमें अयोध्या में राजा दशरथ के निधन का प्रसंग सुन कर राम भक्तों की आंखों में आंसू छलक पड़े। मार्मिक प्रसंग की भावपूर्ण प्रस्तुति से श्रोता अयोध्या नगरी के विलाप और दुख के साक्षी बने। प्रसंग में राजा दशरथ की मृत्यु का समाचार पाकर नाना के घर रह रहे भरत और शत्रुघ्न के अयोध्या पहुंचने, उन्हें श्री राम के वनवास जाने का पता चलने, इन सबका कारण बनीं कैकेयी को बुरा भला कहने, कैकेयी के पश्चाताप वर्णित किया गया।
सुबह 11 बजे से शुरू हुआ पाठ शाम को साढ़े चार बजे तक चला। पाठ दो जनवरी से शुरू हुआ है। 11 जनवरी तक चलेगा। 11 जनवरी को जगद्गुरू पुरी पीठाधीŸवर निश्चलानंद सरस्वती के सानिध्य में सामूहिक संगीतमय सुन्दरकाण्ड पाठ व महाराज का प्रवचन होगा। श्री सीताराम सत्संग समिति कोलकाता के सदस्यों ने बताया कि विगत तीस साल से समिति सदस्यों के अथक प्रयास से आयोजन करती आ रही है।