
Bengal Politics: पश्चिम बंगाल में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले I-PAC के ऑफिस पर ईडी के छापे के बाद वहां की राजनीति तेज हो गई है। इसी बीच गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट से बंगाल सरकार यानी सीएम ममता बनर्जी को बड़ा झटका लगा है। SC ने ईडी की याचिका पर बंगाल सरकार, सीएम ममता बनर्जी और राज्य पुलिस को नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही ईडी के अधिकारियों पर दर्ज FIR पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति विपुल पंचोली की पीठ ने कहा कि यह एक बड़ा संवैधानिक सवाल है कि क्या किसी राज्य की कानून-व्यवस्था से जुड़ी एजेंसियां किसी केंद्रीय जांच एजेंसी को गंभीर अपराध की जांच से रोक सकती हैं। अदालत ने चेतावनी दी कि यदि ऐसे सवालों का समाधान नहीं किया गया, तो इससे कानूनहीनता की स्थिति पैदा हो सकती है।
पीठ ने इस मामले की अगली सुनवाई 3 फरवरी को तय की है। साथ ही अदालत ने पश्चिम बंगाल पुलिस को I-PAC परिसरों में हुई छापेमारी से जुड़े CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया।
अदालत ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, पश्चिम बंगाल सरकार, डीजीपी और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी किया। इस दौरान अदालत ने राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए कहा, “इस मुद्दे की जांच जरूरी है ताकि अपराधियों को राज्य की कानून-प्रवर्तन एजेंसियों की आड़ में संरक्षण न मिल सके।”
पिछले दिनों कोलकाता में उस वक्त भारी हंगामा देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ED की छापेमारी के दौरान I-PAC के सह-संस्थापक प्रतीक जैन के आवास पर पहुंच गईं। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि ED अधिकारी उनकी पार्टी TMC के हार्ड डिस्क, आंतरिक दस्तावेज और संवेदनशील डेटा “लूटने” की कोशिश कर रहे थे।
उन्होंने छापेमारी को “राजनीतिक रूप से प्रेरित और असंवैधानिक” बताया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में ममता बनर्जी को काफी आक्रामक अंदाज में मीडिया से बचते हुए देखा गया।
Published on:
15 Jan 2026 05:07 pm
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