
सीबीआइ
करोड़ों रुपए के शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच की धीमी गति पर हाइकोर्ट के नाराजगी व्यक्त करने के बाद सीबीआइ हरकत में आई है। जांच एजेंसी ने अब स्कूली शिक्षा के कुछ उप-निरीक्षकों की भूमिका की जांच करने का फैसला किया है। सीबीआइ की एंटी-करप्शन विंग के कार्यालय निजाम पैलेस में स्कूली शिक्षा के 15 उप-निरीक्षकों को 21 नवंबर को तलब किया गया है। सीबीआइ सूत्रों ने कहा कि पहले चरण में मुर्शिदाबाद जिले के 15 उप-निरीक्षकों को तलब किया गया है। अन्य जिलों में ब्लॉक के प्रभारी उप-निरीक्षकों को भी समय-समय पर बुलाया जाएगा। सीबीआइ के एक अधिकारी ने कहा कि अब तक हम राज्य की स्कूल शिक्षा प्रणाली में मंत्रियों, राजनेताओं और राज्य शिक्षा विभाग के विभिन्न संबद्ध निकायों के शीर्ष अधिकारियों के भ्रष्टाचार पर ध्यान केंद्रित कर रहे थे। लेकिन निश्चित रूप से इतने बड़े पैमाने पर घोटाला तब तक संभव नहीं हो सकता था, जब तक कि सिस्टम में निचले स्तर के कर्मचारियों की कुछ भागीदारी न हो। निचले स्तर भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए हमने उपनिरीक्षकों को तलब कर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
एसआइटी का पुनर्गठन और विस्तार
हाल ही में न्यायमूर्ति अभिजीत ने मामले में जांच की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने इस उद्देश्य के लिए गठित सीबीआइ की विशेष जांच टीम (एसआइटी) का पुनर्गठन और विस्तार किया, जिसमें दो सदस्यों को चार के साथ बदल दिया गया। उन्होंने हरियाणा कैडर के 2006 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी और वर्तमान में सीबीआई के उप महानिरीक्षक के पद पर चंडीगढ़ में तैनात अश्विन सेनवी को सात दिनों के भीतर एसआइटी का कार्यभार संभालने का आदेश दिया।
पेंटिंग बिक्री का मामला सामने लाएगी सीबीआइ: नेता प्रतिपक्ष
नेता प्रतिपक्ष शुभेन्दु अधिकारी ने शनिवार को राज्य के मंत्री अखिल गिरि की ओर से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अपमान करने के विरोध में पूर्व मेदनीपुर जिले के रामनगर में जुलूस निकाला और सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सीबीआइ बंगाल में और अधिक सक्रिय होगी। वह पेंटिंग बेचने के मामले को सामने लाएगी। उन्होंने लोगों से तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ आंदोलन को मजबूत करने की अपील की।करोड़ रुपए में मुख्यमंत्री की पेंटिंग बिक्री हुई थी।
Published on:
20 Nov 2022 12:14 am
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