Teachers recruitment scam : शिक्षक भर्ती घोटाले में राज्य के पूर्व मंत्री partha chatterjee (पार्थ चटर्जी) और मवेशी तस्करी के मामले (cattle smuggling case) में गिरफ्तार बीरभूम जिला तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष anuvrat mandal (अनुव्रत मंडल) की दुर्गापूजा जेल में ही मनानी पड़ेगी। दोनों नेताओं की जमानत याचिका खारिज करते हुए अलग- अलग अदालतों ने उन्हें पांच अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
Teachers recruitment scam : शिक्षक भर्ती घोटाले में राज्य के पूर्व मंत्री partha chatterjee (पार्थ चटर्जी) और मवेशी तस्करी के मामले (cattle smuggling case) में गिरफ्तार बीरभूम जिला तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष anuvrat mandal (अनुव्रत मंडल) की दुर्गापूजा जेल में ही मनानी पड़ेगी। दोनों नेताओं की जमानत याचिका खारिज करते हुए अलग- अलग अदालतों ने उन्हें पांच अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इससे पहले सीबीआइ ने पार्थ चटर्जी को अलीपुर की अदालत में पेश किया। जांच एजेंसी ने उन्हें फिर से हिरासत में लेेने का आवेदन नहीं किया। उनके वकील ने जमानत की याचिका लगाई। अदालत ने याचिका खारिज करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सीबीआइ के वकील ने अदालत से कहा कि पार्थ मामले की जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। इस मामले में अभी कई विषयों की बाकी है। इसलिए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जाए। जरूरत पडऩे पर मामले के जांच अधिकारी जेल जाकर उनसे पूछताछ करेंगे। वहीं पार्थ के वकील ने कहा कि सीबीआइ उन्हें अपनी हिरासत में लेने के बजाए न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग कर रही है। इसलिए वे अदालत से दरखास्त करते हैं कि पार्थ को जमानत दे दी जाएगी। उनके मुवक्किल की उम्र 70 साल है। उनकी तबीयत ठीक नहीं है। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने पार्थ चटर्जी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
अनुव्रत बाहर आए तो प्रभावित करेंगे सबूत: सीबीआइ
इधर बीरभूम तृणमूल कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अनुव्रत मंडल की जमानत याचिका भी आसनसोल की विशेष सीबीआइ अदालत ने खारिज कर दी। सीबीआइ की विशेष अदालत के न्यायाधीश राजेश चक्रवर्ती ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। सीबीआइ के वकीलों ने अदालत को बताया कि अनुव्रत मंडल के नाम से 15 से ज्यादा नई सम्पत्तियों का सुराग मिला है। बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई है। दो ऐसी स्वयंसेवी संस्थाओं का पता चला है जो काली कमाई को सफेद बनाने के गोरखधंधे में जुटी हुई थीं। अनुव्रत प्रभावशाली हैं अगर हिरासत से बाहर आए तो सबूत मिटाने की कोशिश कर सकते हैं। जिससे जांच प्रभावित होगी।
किया जा सकता है पेश
अदालत के सूत्रों ने बताया कि दुर्गा व अन्य पूजा के अवसर पर सीबीआइ की विशेष अदालत बंद रहेगी। इसलिए मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर तक ही हो पाएगी। हालांकि विशेष कोर्ट के न्यायाधीश राजेश चक्रवर्ती ने यह जरूर कहा है कि सीजेएम कोर्ट पांच और 19 अक्टूबर को खुलेगी। इन दो दिनों में उन्हें कोर्ट में पेश किया जा सकता है।
गंभीर बीमारी का दिया हवाला
42 दिनों से न्यायिक हिरासत में मौजूद अनुव्रत के वकीलों ने गंभीर शारीरिक बीमारी और उम्र के आधार पर जमानत की अर्जी दी। वकीलों ने दावा किया कि मवेशी तस्करी मामले के मुख्य आरोपी बीएसएफ अधिकारी सतीश कुमार समेत कई लोगों को जमानत मिल गई है या उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है। सीबीआइ ने उनकी जमानत के खिलाफ अपील नहीं की है। उनके मुवक्किल का नाम आरोपपत्र में नहीं है। इसके बावजूद उनकी जमानत याचिका का विरोध किया जा रहा है। मंडल के अधिवक्ताओं ने कहा कि वे न्यायिक हिरासत में 42 दिन बिता चुके हैं अभी भी मामले की जांच पूरी नहीं हुई है।