पुलिस ने बताया कि यह घटना पोलबा थाना के कामदेवपुर के समीप दिल्ली रोड पर शुक्रवार रात करीब 9.30 बजे हुई। जयंती सोरेन (20) चॉकलेट कारखाने से अपने घर लौट रही थी। वह सिंघी बागान इलाके की थी। उसके साथ उसकी सहेली पूजा उराव सहित अन्य पांच लड़कियां भी थी। ऑटो पकडऩे के लिए सुगंधा मोड़ आते समय जयंती और पूजा पीछे रह गई। इस बीच पीछे से आ रही मेटाडोर के खलासी ने जयंती को जबरन वाहन में बैठाने की कोशिश की। विरोध करते हुए वह चिल्लाने लगी। दोनों के बीच खींचतान हुई।
एक दूसरे को बचाने में हुईं घायल
चालक ने वाहन की गति तेज कर दी। इस दौरान जयंती की ओढऩी मेटाडोर के दरवाजे में फंस गई। गाड़ी उसे घसीटते हुए करीब 50 मीटर दूर तक ले गई। जयंती को बचाने के लिए पूजा उसका हाथ पकड़ कर अपनी ओर खींच रही थी। वह भी घायल हो गई और चालक ने जयंती को कुचल दिया। स्थानीय लोगों की मदद से घायल दोनों युवतियों को चुंचुड़ा के इमामबाड़ा अस्पताल में ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जयंती को मृत करार दे दिया जबकि पूजा का इलाज चल रहा है। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पुलिस से अविलंब आरोपियों की गिरफ्तारी की मांंग की है।
पुलिस ने मेटाडोर किया जब्त
पुलिस अधीक्षक प्रवीण त्रिपाठी ने बताया कि मेटाडोर को जब्त कर लिया गया है। आरोपी चालक रंजीत बैद्य को हावड़ा के बेलगछिया मेटाडोर स्टैण्ड से गिरफ्तार कर लिया गया है। खलासी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उसकी गिरफ्तारी के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय के नेतृत्व में टीम बनाई गई है।