गणगौर पर्व: लोगों की आस्था उमड़ पड़ी
कोलकाता. राजस्थान की लोक संस्कृति के पर्व गणगौर पर शनिवार को कोलकाता सहित जिलों में लोक संस्कृति की छंटा बिखरी। गणगौर मेले में मरुधरा की संस्कृति और कला साकार होती दिखाई दी। पूरे प्रदेश में गणगौर का उत्सव आस्था और उमंग से मनाया गया। बड़ाबाजार, मानिकतल्ला, सॉल्टलेक, लेक टाउन, फूल बगान सहित हावड़ा समेत अन्य जिलों में गणगौर महोत्सव के अवसर पर शोभायात्रा निकाली गई तथा सांस्कृतिक आयोजन हुए। बड़ाबाजार के प्रसिद्ध गणगौर मेला में परम्परागत रूप से सभी मंडलियों द्वारा सवारी निकाली गई जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं ने भाग लिया। लोगों की आस्था उमड़ पड़ी।
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पूर्व कोलकाता माहेश्वरी सभा
पूर्व कोलकाता माहेश्वरी सभा द्वारा सीआईटी रोड में गणगौर महोत्सव विभिन्न आयोजन के साथ शनिवार को संपन्न हुआ। सभा के पूर्व अध्यक्ष और गणगौर समारोह के संयोजक-समन्वयक हेमंत मरदा ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हर साल वे इस उत्सव को कुछ नए आयाम देते हैं। इस वर्ष तीन दिवसीय आयोजन में श्रीकृष्ण महाप्रभु के आदर्शों को भी रखा है। मरदा ने बताया कि उनके द्वारा 2009 से गणगौर महोत्सव आयोजित किया जाता है। गणगौर महोत्सव की मीडिया सेल प्रभारी रश्मि बियाणी ने बताया कि सदस्यों के परिवार द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, गणगौर गीत, सदस्यों के लिए मेहंदी के अलावा लगभग 300 जरूरतमंद महिलाओं को कपड़े आदि वितरित कर सामाजिक कार्य किया गया।