विशेषज्ञों के मुताबिक, गैस सिलेंडर की मौजूदा स्थिति पूरी तरह से संकट की नहीं है, लेकिन बढ़ती मांग और आपूर्ति पर दबाव ने अस्थायी असंतुलन पैदा कर दिया है। यदि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी रहती है, तो आने वाले समय में एलपीजी की कीमतों और उपलब्धता पर और प्रभाव पड़ सकता है। लेकिन यदि पैनिक बुकिंग कम होती है और आपूर्ति सामान्य रहती है, तो आने वाले दिनों में गैस वितरण की स्थिति धीरे-धीरे स्थिर भी हो सकती है।