
First time in Kolkata, भूजल को रिचार्ज करने की यह कारगर योजना
गर्मी के दिन में महानगर के कई इलाकों में पेयजल की किल्लत हो जाती है। ऐसे में कोलकाता नगर निगम ने महानगर में भूजल स्तर बढ़ाने पर जोर देने का फैसला किया है। यह कदम पर्यावरण के लिए भी हितकर साबित हो सकता है। भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए महानगर में 54 जगह पर रिचार्ज पिट तैयार करने की योजना है। इनके जरिये बारिश के पानी को रिचार्ज किया जाएगा। निगम के सीवरेज व ड्रेनेज विभाग इन रिचार्ज पिट को तैयार करेगा। कोलकाता में पहली बार भूजल को रिचार्ज किये जाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। इसके लिए रिचार्ज पिट तैयार किये जाएंगे। निगम के सीवरेज व ड्रेनेज विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बारिश का पानी इधर-उधर बर्बाद नहीं हो जाए इसके लिए रिचार्ज पिट बनाए जाएंगे, यह भूजलस्तर को बढ़ाने में सहायक साबित होगा।
निगम अधिकारी ने बताया कि रिचार्ज पिट को तैयार करने के लिए महानगर को तीन जोन में बांटा जाएगा। नॉर्थ जोन में 10, सेंट्रल जोन में 15 और साउथ जोन में कुल 29 रिचार्ज पिट तैयार किये जाएंगे। रिचार्ज पीट सह सीवरेज विभाग की अन्य परियोजनाओं को 500 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया जाएगा। वहीं, 150 करोड़ रुपए आवंटित हो चुके हैं। सभी कार्यों को मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वनों की कटाई की वजह से वर्षा जल को रोकने की भूमि की प्राकृतिक क्षमता कम हो गई है। वहीं, बारिश का पानी बहुमूल्य माना जाता है। शहरी क्षेत्रों में बारिश का पानी विभिन्न मैनहोल व सीवरेज के माध्यम से बह कर नदियों तक पहुंचता है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो जाती है। इस स्थिति से निबटने के लिए रिचार्ज पिट तैयार किये जाएंगे।
आमतौर पर रिचार्ज पिट एक बंद कुएं जैसी संरचना होती है। जमीन खोद कर गड्ढा बनाने के बाद पत्थरों को भरकर इसे ढक दिया जाता है। बारिश के पानी को रोड़ी, रेत, कोयला व पत्थरों से बने रिचार्ज पिट के माध्यम से पिट के निचले स्तर से रिचार्ज शाफ्ट लगाकर सीधे जमीन में डाला जाता है। इससे पानी का स्तर बढ़ सकता है।
500 करोड़ की परियोजना में महानगर में 13 खालों की ड्रेजिंग भी शामिल है। महानगर की निकासी व्यवस्था को दुरुस्त किये जाने के लिए पांच जगहों पर स्थित तालाबों के जल धारण करने की क्षमता बढ़ायी जाएगी, साथ ही यह व्यवस्था भी की जायेगी कि भारी बारिश के दौरान सड़कों पर जलभराव की निकासी तालाबों में की जा सके। यह व्यवस्था फिलहाल 11 नंबर वार्ड के तालाब, वार्ड संख्या 114 में दो सह वार्ड संख्या 65, 94 और 117 नंबर वार्ड के एक-एक तालाब में उपलब्ध होगी। जल निकासी के लिए महानगर में सात ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन बनाये जाएंगे। इनमें से एक दही घाट बैरेज सह पंपिंग स्टेशन का कार्य जारी है। इस परियोजना को करीब 132 करोड़ रुपए की लागत से पूरा किया जाएगा।
Published on:
02 Mar 2025 01:09 pm
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