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आईएएस ऑफिसर का फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर किया लाखों का फ्रॉड

विधाननगर में बंगाल के एक आईएएस अफसर का फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर ऑनलाइन लाखों रुपए का फ्रॉड करने के आरोप में पुलिस ने यूपी के एक शख्स को गिरफ्तार किया है। विधाननगर साइबर विंग पुलिस ने बिलाल नामक उत्तर प्रदेश के निवासी को गिरफ्तार किया है।

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आईएएस ऑफिसर का फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर किया लाखों का फ्रॉड

आईएएस ऑफिसर का फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर किया लाखों का फ्रॉड

यूपी का शख्स गिरफ्तार

कोलकाता .
विधाननगर में बंगाल के एक आईएएस अफसर का फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर ऑनलाइन लाखों रुपए का फ्रॉड करने के आरोप में पुलिस ने यूपी के एक शख्स को गिरफ्तार किया है। विधाननगर साइबर विंग पुलिस ने बिलाल नामक उत्तर प्रदेश के निवासी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने आईएएस अधिकारी का फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर लोगों से फ्रॉड किया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी ने आईएएस अधिकारी, अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक पश्चिम बंगाल पावर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड, ओएसडी और सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय और जल शिकायत प्रकोष्ठ अल्पसंख्यक विकास पीबी सलीम के नाम से फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाया और फोटोग्राफी का इस्तेमाल करते हुए चैट से पैसे लिये। धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किए गए बिलाल को विधाननगर अनुमंडल न्यायालय में पेश किया जाएगा और पुलिस उनकी हिरासत के लिए आवेदन करेगी।

फेसबुक पर बनाया फर्जी आईडी

सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने आईएएस अधिकारी के नाम से एक फर्जी फेसबुक आईडी बनाई और कथित तौर पर फोटोग्राफी का इस्तेमाल कर उसके करीबी रिश्तेदारों और दोस्तों से ऑनलाइन लाखों रुपये की उगाही की। इसके बाद आईएएस अधिकारी ने विधाननगर साइबर ब्रांच में लिखित शिकायत दर्ज करायी। आईएएस अधिकारी पीबी सलीम ने 9/9/2021 को बिधाननगर साइबर क्राइम ब्रांच में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई और उस शिकायत के आधार पर फर्जी फेसबुक अकाउंट के जरिये जांच कर 21 वर्षीय बिलाल को चौकी बांगड़, नगला ओटावा, उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 419 और 420 धोखाधड़ी, 511 आईपीसी, 66 सीआईटी के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच अधिकारी आरोपी को हिरासत में लेने के बाद यह पता लगाने का प्रयास करेंगे कि ऑनलाइन किससे कितना पैसा लिया गया।
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ओएनजीसी से ऑयल डिटेक्टर मशीन-केबल चोरी, छह गिरफ्तार

ओएनजीसी की ऑयल डिटेक्शन मशीन की तार चोरी की वारदात को अंजाम देने के मामले में पुलिस ने छह बदमाशों को गिरफ्तार किया है। जिसमें चार माणिक लाल, श्रीकांत मेहरा, अमर ठाकुर और कृष्ण कुमार मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं जबकि दो मोनिरुल और सुशांत इसी प्रदेश के निवासी हैं। बताया गया कि ओएनजीसी ने कई साल पहले उत्तर 24 परगना जिले के अशोकनगर में तेल की खोज की थी, तब से ओएनजीसी हावड़ा, हुगली, 24 परगना सहित बशीरहाट के उस क्षेत्र के 150 किमी के दायरे में तेल की खोज कर रही थी।तेल को खोजने के लिए फील्ड डिजिटाइजिंग यूनिट नामक डिवाइस का उपयोग किया जाता है। इसी तरह का काम बशीरहाट के मटिया थाने के लालपोल इलाके में चल रहा था। ओएनजीसी की ओर से आरोप लगाया गया कि बशीरहाट के मटिया थाने के चैता ग्राम पंचायत के लालपोल इलाके में फील्ड डिजिटाइजिंग यूनिट और उसकी केबल चोरी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की। इसके बाद बदुरिया एसडीपीओ अभिजीत सिन्हा महापात्रा, मटिया थानाध्यक्ष तापस घोष व बदुरिया सीआई तितास कुमार मित्रा ने चोरी की जगह का निरीक्षण किया। जांच के बाद पता चला है कि इस चक्रव्यूह के पीछे अलग-अलग राज्यों के अपराधी शामिल हैं। बताया गया कि पिछले एक महीने से मध्य प्रदेश के चार अपराधियों माणिक लाल, श्रीकांत मेहरा, अमर ठाकुर और कृष्ण कुमार ने यहां के दो बदमाशों मोनिरुल और सुशांत के साथ मिलकर उस मशीन को चुराने की साजिश रची, फिर ये पिछले एक महीने से इन मशीनों और केबलों की चोरी कर रहे थे। उसके बाद पुलिस ने सभी का पता लगा कर हावड़ा जिले के गोलाबाड़ी और दक्षिण 24 परगना के काकद्वीप इलाके से अपराधियों को गिरफ्तार किया। पुलिस को पूछताछ में पता चला कि आरोपी ने चुराये गये मशीनों को गुजरात में एक मल्टीनेशनल कंपनी को बेचा था। इसके अलावा, उन्होंने ओएनजीसी को कमजोर करने के लिए इस कंपनी के साथ एक भयावह सांठगांठ का भी खुलासा किया। मोटिया थाने की पुलिस ने सभी को बशीरहाट कोर्ट में पेश कर पुलिस हिरासत में लेने की मांग की है।