
कोलकाता .गणगौर पूजन को लेकर कोलकाता समेत उपनगरों में उत्सव का रंग दिखने लगा है।
बासोड़ा या ठण्डा खाने के बाद से घरों में सिंधारा का दौर शुरू हो गया। जगह-जगह महिलाएं कार्यक्रमों का आयोजन कर रही हैं। जिसमें नाच-गाने के साथ मेहन्दी रचाकर, घाघरा, बोलड़ पहनकर सज संवर कर अपनी-अपनी गणगौर को घुमाने का दौर चल पड़ा है। गणगौर के लिए पारम्परिक परिधान घर में ही अधिकतर तैयार कर रही है वहीं कुछ डिजाइन भी है जो सिर्फ गणगौर के लिए ही कपड़े सिल रही है।
गणगौर पूजना में पुरुषों की अहम भूमिका रहती है। कार्यक्रमों का आयोजन करना, शोभा यात्रा निकालने से लेकर हर व्यवस्था को सुचारू बनाने में जुटे हैं।
बड़ाबाजार में 9 समितियां
बड़ाबाजार में गणगौर की नौ समितियां हैं। सब मिलकर सम्मिलित समिति बनाकर त्योहार मना रही है। वीआईपी अंचल, हिन्दमोटर अंचल, पूर्व कोलकाता माहेश्वरी सभा, हावड़ा के साथ ही जिलों में बहुत ही धूमधाम से पर्व को आयोजित करती आ रही है। चारों तरफ इसकी तैयारियां दिखने लगी है।
बाजार में गणगौर, इसरजी के विविध रूप
बड़ाबाजार ही नहीं कुम्हारटोली में भी इसरजी-गणगौर व कान्हा आदि की मूर्तियां मिल रही हैं। सभी महिलाएं उसे अपने-अपने अनुसार घर लाने में जुटी है। इसके साथ ही सुहाग की चीजें और अन्य आवश्यक चीजों से भी बाजार पटने लगा है।
सिंथारा के आयोजन
कोलकाता . महानगर में इनदिनों सिंथारा के कई आयोजन हो रहे हईं। कई घरों में निजी तौर पर आयोजन हो रहे हैं। कहीं महिलाएं सामूहिक और महिला समिति व संगठन की ओर से मनाया जा रहा है।
चिडक़ली महिला समिति
चिडक़ली महिला समिति की ओर से रविवार को धूमधाम से गणगौर पूजन किया गया। पूजन के बाद सभी महिलाओं ने गणगोर के पारंपरिक लोकगीत गाए। आयोजन के दौरान लीला व्यास ने बताया कि गणगौर राजस्थान का आस्था से जुड़ा प्रमुख त्योहार है जो महिलाओं व कुंवारी लड़कियों के जीवन से जुड़ा अहम पर्व है। किरण व्यास ने कहा कि इसर जी और गवरजा माता भगवान शंकर एवं माता के रूप है जिनकी होली के बाद 16 दिनों तक पूजा कर लड़कियां अच्छा वर तथा महिलाएं लम्बे सुहाग की कामना करती है। गणगौर पूजन एवं गीत गायन में सन्तोष व्यास, मंजू जोशी, हेमलता पुरोहित, सरोज आदि ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया।
बड़ाबाजार के पुरोहित परिवार में स्वाति पुरोहित, वर्षा पुरोहित, गौरी पुरोहित, मेघना पुरोहित, साक्षी शर्मा, सुहानी शर्मा, नैतिक बिहानी आदि पूजा की तैयारी में जुटी हुई है।
महिलाओं ने खूब गाया
भण्डारी परिवार की ओर से बीका बैंक्वेट में गणगौर पूजन के लिए सिंधारा मनाते हुए ही साथ ही होली मिलन समारोह बनाया गया। राजस्थानी परिवेश में यह पूरा आयोजन किया जिसका सभी ने लुत्फ उठाया। गोपाल भण्डारी ने बताया कि हमारी परम्परा को पहचान दिलाने वाला पर्व है जिसे हम सबने एक साथ खुशियां बांटते हुए मनाया।
Updated on:
11 Mar 2018 09:43 pm
Published on:
11 Mar 2018 09:42 pm

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