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कोलकाता

हर पीडि़त परिवार के साथ खड़ी रहेगी सरकार: राज्यपाल

राज्यपाल सीवी आनंद बोस शुक्रवार को मिजोरम रेलवे पुल दुर्घटना में मारे गए बंगाल के श्रमिकों के परिजनों को ढाढ़स बंधाने मालदह पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने मृतकों के परिजनों को सहायता राशि सौंपी। पचास हजार रुपए नकद और साढ़े नौ लाख रुपए का चेक वितरित किया। इससे पहले राज्यपाल ट्रेन से मालदह पहुंचे। वे रतुआ ब्लॉक के कोकलामारी स्थित सोदुआ गांव पहुंचे।

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मिजोरम दुर्घटना में मारे गए श्रमिकों के परिजनों को सौंपा मुआवजा
कई को विश्वास ही नहीं कि इस दुनिया में नहीं हैं उनके अपने
कोलकाता. राज्यपाल सीवी आनंद बोस शुक्रवार को मिजोरम रेलवे पुल दुर्घटना में मारे गए बंगाल के श्रमिकों के परिजनों को ढाढ़स बंधाने मालदह पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने मृतकों के परिजनों को सहायता राशि सौंपी। पचास हजार रुपए नकद और साढ़े नौ लाख रुपए का चेक वितरित किया। इससे पहले राज्यपाल ट्रेन से मालदह पहुंचे। वे रतुआ ब्लॉक के कोकलामारी स्थित सोदुआ गांव पहुंचे। जहां प्रशासन की ओर से मुआवजा वितरण के लिए जरूरी इंतजाम किए गए थे। राज्यपाल ने रेलवे की और घोषित मुआवजा राशि का वितरण किया। मृतक के परिजनों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीडि़त परिवार के साथ खड़ी रहेगी। मिजोरम में रेलवे पुल हादसे के बाद कई परिवार तो विश्वास ही नहीं कर पा रहे कि उनके अपने अब इस दुनिया में नहीं हैं।

परिजनों ने मांगी केन्द्रीय नौकरी
इधर, पीडि़त परिजनों ने राज्यपाल से परिवार के किसी एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की। जिसे उन्होंने रेल मंत्रालय और सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। पीडि़त परिवारों से करीब आधे घंटे तक बातचीत में सीवी आनंद बोस ने उनकी शिकायतें सुनीं। मणिपुर में आइजोल के पास बैराबी-सैरंग नई पटरी परियोजना में निर्माणाधीन रेलवे पुल बुधवार को ढह गया। अब तक 22 श्रमिकों के शव मिल चुके हैं। तीन घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। मृतक सभी श्रमिक मालदह जिले के हैं। सीएम ममता बनर्जी ने दुर्घटना में मारे गए लोगों को लेकर हर तरह की सहायता का आश्वासन दिया है और रेलवे से मृतकों के परिजनों को नौकरी देने की मांग की है।

रहमान बोले, बिखर गया हमारा जीवन
महीदुर रहमान ने कहा कि हम इसपर विश्वास नहीं कर सकते। हमारा जीवन बिखर गया। हमारा भविष्य अब पूरी तरह से अनिश्चित है। हम प्रशासन से अनुरोध करते हैं कि नौकरी और आवश्यक मुआवजा देकर हमारी मदद करें। रहमान ने बताया कि उसके परिवार के छह लोग 40 दिन पहले काम के लिए मिजोरम गए थे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अधिकतर पीडि़त मालदह जिले के पुकुरिया, इंग्लिश बाजार और मणिकचक के हैं।

पति की सेल्फी बन गई आखिरी याद
हसीना खाती जिनके पति साइदुर रहमान रेलवे पुल परियोजना में काम कर रहे थे, ने बताया कि वह उस सेल्फी ने नजर नहीं हटा पा रही हैं जो उन्होंने खुशियां छीन लेने वाले दिन की सुबह भेजा थी। पति को गंवाने के कारण गमगीन हसीना ने कहा कि हादसे से एक दिन पहले मेरे पति ने काम का दबाव होने से फोन करने के लिए मना किया था तो हमारी बेटियों ने उनसे अपना फोटो भेजने के लिए कहा था। उन्होंने बुधवार की सुबह एक सेल्फी भेजी जिसमें पीछे पुल दिखाई दे रहा था, यह हमारी लिए आखिरी याद बन गयी है। बहुत से परिजनों ने बताया कि वह अपने करीबियों को आखिरी बार देखना चाहते हैं।