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‘महापुरुषों के नाम छुट्टियां घोषित करना उचित नहीं’

राष्ट्रसंत कमल मुनि ने कहा, तो हिंदुस्तान रह जाएगा छुट्टियों का देश, छुट्टी घोषित करने के बजाय डबल काम करने का लें संकल्प

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kolkata

‘महापुरुषों के नाम छुट्टियां घोषित करना उचित नहीं’

कोलकाता. विश्व के सभी महापुरुष अदम्य साहस के साथ कठोर परिश्रम करते हुए निस्वार्थ भाव से प्रतिपल स्व और पर कल्याण में समर्पित रहे हैं। महापुरुषों ने आराम ***** है का नारा देते हुए ....चरैेवेति-चरैवेति का संदेश मानव मात्र को दिया। राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश ने महावीर सदन में शुुक्रवार को तपस्वी घनश्याम मुनि के केशलंोंच समारोह को संबोधित करते हुए प्रवचन में यह उद्गार व्यक्त किए। मुनि ने कहा कि महापुरुषों के नाम पर छुट्टियां घोषित करके उनके सिद्धांतों के खिलाफ काम करना उचित नहीं, बल्कि इसके स्थान पर उनकी भावना के ठीक विपरीत हम काम नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महापुरुषों की जयंती, पुण्य तिथि आदि पर छुट्टी घोषित करने के बजाय डबल काम करने का संकल्प लेकर उनके आदर्शों को आत्मसात करने पर जोर देना चाहिए। मुनि ने कहा कि देश में यदि हर महापुरुष के नाम पर छुट्टियां घोषित करने की प्रवृत्ति जारी रही और हर महापुरुष की याद में छुट्टी घोषित करते जाएं तो हिंदुस्तान छुट्टियों का देश बनकर कर रह जाएगा। मुनि ने कटाक्ष कर व्यंग्यात्मक लहजे में कहा छुट्टियां घोषित कर हम महापुरुषों के सिद्धांतों के खिलाफ आचरण करते हुए कहीं कपूत तो नहीं बनते जा रहे? उन्होंने केंद्र सरकार से महापुरुषों के जन्मदिन पर विशेष काम कर श्रद्धांजलि देने का कार्य प्रारंभ करके आदर्श प्रस्तुत करने का आग्रह किया। राष्ट्रसंत ने कहा कि काम न होने पर दिनोंदिन आमोद-प्रमोद मनोरंजन के रूप में समय बिताकर पूरा करना कहां तक उचित है? पूरे विश्व में हिंदुस्तान जितनी छुट्टियां किसी और देश में नहीं? उन्होंने कहा कि कृष्ण ने भी कर्मयोगी बनने का संदेश दिया। तुष्टिकरण की नीति ने सिद्धांतहीनता की पराकाष्ठा को लांघ दिया है। मुनि ने कहा कि राम, हनुमान, महावीर, यीशु और पैगंबर के गुणों को आत्मसात करना उनकी भक्ति और पूजा करने से कहीं बढक़र है।
इस दौरान राष्ट्रीय हिंदू महासभा के महामंत्री मेजर उपाध्याय ने कहा कि राष्ट्रसंत के क्रांतिकारी विचार आज के हालात में ज्यादा प्रासंगिक हैं और सभी को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि महापुरुष संकट में भी मुस्कुराते हुए अपने लक्ष्य से कभी विचलित नहीं हुए।

जन्माष्टमी पर होगी फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता
महावीर जैन श्रावक संघ की ओर से उनका स्वागत किया गया। तपस्वी घनश्याम मुनि के 24 उपवास शुक्रवार को हुए। कौशल मुनि ने मंगलाचरण किया और महिला मंडल ने भक्ति गीत गाए। जन्माष्टमी पर 2 सितंबर को फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। महिला मंडल की ओर से तपस्या के उपलक्ष में चंदनबाला नाटिका भी प्रस्तुत की जाएगी।

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