
bomb blast
कोलकाता
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एक विशेष अदालत ने पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित खागड़ागढ़ धमाका ( Khagragarh Bomb Blast) मामले में चार बांग्लादेशियों समेत 19 आतंकवादियों को शुक्रवार को सजा सुनाई। सभी आतंककारी संगठन जमात-उल-मुजाहिद्दीन,बांग्लादेश के सिक्रय सदस्य थे। सजा पाने वालों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। पश्चिम बंगाल के बर्दवान के खागड़ागढ़ इलाके के नूरुल हसन चौधरी के घर में 2 अक्टूबर को 2014 को आईईडी धमाके में दो लोगों की मौत हो गई थी। दोनों लोग उस समय आईईडी बना रहे थे। उन्होंने कहा कि जिस घर में धमाका हुआ उसे बांग्लादेश के प्रतिबंधित संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन ने बुर्का सिलने की फैक्ट्री के रूप में किराये पर ले रखा था। न्यायाधीश सिद्धार्थ कांजीलाल ने आतंकवादि शेख रहमततुल्ल, रेजाउल करीम, अब्दुल हकीम, आलिमा बीबी, गुलमसना बीबी, मोहम्मद रुबेल, सौदुल इस्लाम समेत 19 आतंकवािदयों को दोषी करार दिया था। एनआई ने 33 आतंकवादियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। 31 जने गिरफ्तार किए गए थे। एनआईए 164 पन्नों का आरोप-पत्र दायर किया था। 460 लोगों की गवाही ली गई थी।
समाचार लिखे जाने तक न्यायाधीश ने 19 में सात आतंकवादियों को सजा सुनाई थी। शेख रहमततुल्ल मोहम्मद रुबेल एवं सौदुल इस्लाम को 10-10 साल का सश्रम कारावास तथा अब्दुल हकीम को 8 साल का जेल एवं आलिमा बीबी और गुलमसना बीबी को 6-6 साल जेल की सजा सुनाई गई थी।
Published on:
30 Aug 2019 05:42 pm
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