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चन्दन यात्रा उत्सव में मग्न इस्कॉन मायापुर

तपती गर्मी, उमस को नजर-अंदाज करके इस्कान के हजारों भक्त अमरीका, चीन, रूस, ब्राजील, ब्रिटेन जैसे अन्य देशो से मायापुर मे चन्दन को घिसके उसकी लेप बना रहे हैं।

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कोलकाता-मायापुर
चन्दन यात्रा की तैयारी में जुटे इस्कॉन मायापुर के भक्त वैष्णव दर्शन अनुसार भगवन श्री कृष्ण की सेवा करके उनको गर्मी से राहत प्रदान करने के लिए में जुटे हैं। तपती गर्मी, उमस को नजर-अंदाज करके इस्कान के हजारों भक्त अमरीका, चीन, रूस, ब्राजील, ब्रिटेन जैसे अन्य देशो से मायापुर मे चन्दन को घिसके उसकी लेप बना रहे हैं। साथ ही भारत के भी विभिन्न प्रान्तों से भक्तों का काफिला मायापुर की ओर उमड़ रहा है यह जानकारी इस्कॉन के मीडिया प्रभारी सुब्रत दास ने दी। यह सारे भक्त जिसमें महिलाएं, बच्चे भी खूब उत्साह से भारी मात्रा में चन्दन की लेप बना रहे हैं। यह सारी मेहनत और तैयारी हो रही है ताकि श्री श्री राधा माधव के शरीर को गर्मी के मौसम में चंदन की लेप लगा के ठंडक प्रदान की जा सके। चंदन यात्रा के नाम से मनाया जाने वाला यह उत्सव इस वर्ष 7 मई से 21 दिनों तक चलेगा। वैदिक कैलेंडर के मुताबिक जिस दिन भगवान का चंदन यात्रा उत्सव शुरू होता है उस दिन अक्षय तृतीया का शुभ दिन से मनाया जाता है। यह दिन इतना शुभ होता है कि प्रथा अनुसार इसी दिन पुरी एवं मायापुर मे जगन्नाथ रथ यात्रा की भी प्रारंभिक कार्य शुरू होता। पवित्र ग्रंथों के अनुसार 700 वर्ष पहले बैशाख के महीने मे श्रीला माधवेंद्रा पुरी नाम के भक्त को वृंदावन में भगवान गोपाल रूप ने दर्शन दे के आदेश किया था कि उनके शरीर पर मलय चंदन लगाया जाए जिससे उनको गर्मी से राहत मिलेगी। माधवेन्द्र पुरी ने अपने ईष्ट देव के सुख के लिए ओडिशा से मलय चंदन की भगवान के शरीर पर लेप लगाई थी। इसी को चंदन यात्रा त्योहार के रूप मे मनाया जाता है। 7 से अगले इक्कीस दिनों तक भगवान को चंदन का लेप प्रतिदिन लगाया जाएगा। शाम को उत्सव विग्रह को भक्त की टोली पालकी में बैठाकर, खूब नृत्य, कीर्तन करते हुए चंद्रादया मंदिर से परिक्रमा करते हुए प्रभुपाद समाधी के सामने तालाब मे फूलों से सुसज्जित विशाल नौका में श्री श्री राधा माधव को विहार करवाया जाएगा। चारों ओर से हरी-हरी धवानी से वातावरण कृष्णमय को उठता है। हर दिन इसी स्थान पर महाआरती की जाती है।